एकेटीयू : अब घर पहुंचेगी डिग्री-मार्क्सशीट
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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) से जुड़े छात्र-छात्राओं को अब छोटे-छोटे कार्यों के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन सोमवार को विद्यार्थियों के लिए एक एप लॉन्च करेगा।
इसके माध्यम से विद्यार्थी ऑनलाइन अपनी समस्याओं के लिए आवेदन कर सकेंगे और विश्वविद्यालय एक सप्ताह के अंदर उनकी डिग्री, मार्क्सशीट, माइग्रेसन आदि सर्टिफिकेट डाक के माध्यम से सीधे उसके घर भेज देगा।
उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय से संबद्ध संस्थान पूरे सूबे में हैं। कई बार विद्यार्थियों को मार्क्सशीट की कमियां दूर कराने, डिग्री, माइग्रेसन, ट्रांसक्रिप्ट, डुप्लीकेट मार्क्सशीट आदि के लिए विश्वविद्यालय (लखनऊ) आना पड़ता है।
अगर उस दिन काम नहीं हुआ तो उसे अगले दिन तक रुकना पड़ता है या दोबारा आना पड़ता है। कई बार डाक्यूमेंट के अभाव में विद्यार्थी को एक ही काम के लिए दो बार से अधिक भी आना पड़ता है।
इसे देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए एक एप शुरू करने का निर्णय किया है। इसके माध्यम से विद्यार्थी कहीं से भी अपनी समस्याओं के निस्तारण के लिए आवेदन कर सकेंगे।
विवि इसका निस्तारण कर उन्हें डाक के माध्यम से संबंधित कागज भेज देगा। इसके लिए छात्रों से नॉमिनल चार्ज लिया जाएगा। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि हमारी कोशिश है कि विद्यार्थियों को विवि के चक्कर न काटने पड़े।
विवि की वेबसाइट से होगा लिंक
इस एप से उनका आर्थिक और मानसिक दोहन भी रुकेगा। इस माध्यम से हम गड़बड़ी और भ्रष्टाचार पर भी रोक लगा सकेंगे। छात्रहित में यह अपने तरह का अनूठा प्रयोग होगा। इससे पेपर लेस वर्क को भी बढ़ावा मिलेगा।
ऑनलाइन फीस भी जमा होगी। यह शिकायत सीधे संबंधित अधिकारी के पास जाएगी और उसे निर्धारित समय में इसका निस्तारण करना होगा। अगर अधिकारी संबंधित कागजात से संतुष्ट न हो तो वह छात्र के ई-मेल या मोबाइल नंबर पर दोबारा संपर्क करेगा।
विश्वविद्यालय ने फरवरी में स्टूडेंट ग्रिवांस रिड्रेसल व्यवस्था शुरू की थी। इसमें कॉलेजों को सुविधा दी गई थी कि वह अपनी लॉगइन के माध्यम से छात्र-छात्राओं की समस्याएं ऑनलाइन विश्वविद्यालय को भेजेें।
विवि उसका निस्तारण कर डाक्यूमेंट ऑनलाइन भेज देता है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि इस माध्यम से अब तक 8000 से अधिक शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। हालांकि इसके बाद भी छात्र समस्याएं लेकर विवि आ रहे हैं।