एलयू में पीएचडी व एमफिल के आवेदन जल्द शुरू
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एलयू में पीएचडी व एमफिल के दाखिलों के आवेदन इसी माह शुरू हो जाएंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार ऑर्डिनेंस में संशोधन के लिए एलयू में 20 सितंबर को कार्यपरिषद की आकस्मिक बैठक बुलाई गई है।
नए ऑर्डिनेंस पर मोहर लगते ही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। वहीं, एलयू ने गुरुवार को विवि और कॉलेजों में उपलब्ध पीएचडी की सीटों का ब्यौरा वेबसाइट पर जारी करके आपत्तियां मांगी हैं।
इसमें यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि किस कॉलेज में किस विषय में पीएचडी की कितनी सीटों पर दाखिला होगा। कॉलेजों को यदि किसी कोर्स में दी गई सीटों पर आपत्ति है तो 19 सितंबर तक विवि के संबंधित विभाग के अध्यक्ष को सूचित कर सकते हैं।
प्रवेश समन्वयक के पास आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि 20 सितंबर है। विश्वविद्यालय ने जो सीटों का ब्यौरा दिया है उसके अनुसार 41 पीएचडी प्रोग्राम्स में 457 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें 395 सीटें विश्वविद्यालय की और 62 कॉलेजों की हैं।
कॉलेज सीटों की बात करें तो एंथ्रोपोलॉजी की नेशनल कॉलेज में दो, जियोग्राफी की नेशनल कॉलेज में दो, महाराजा बिजली पासी कॉलेज में चार, आईटी कॉलेज में चार, हिंदी की कालीचरण व मुमताज कॉलेज में दो-दो, होम साइंस की नेताजी सुभाष चंद्र बोस कॉलेज व महिला कॉलेज में चार-चार, दीन दयाल उपाध्याय व आईटी कॉलेज में दो-दो, एप्लाइड इकोनॉमिक्स की जेएनपीजी कॉलेज में दो, शिया कॉलेज में चार, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की जेएनपीजी कॉलेज में दो, कॉमर्स की जेएनपीजी में आठ, शिया में छह, विद्यांत कॉलेज में 10 और केमिस्ट्री की लखनऊ क्रिश्चियन कॉलेज में दो सीटें उपलब्ध हैं।
नियुक्ति पर भी होगा निर्णय
विवि द्वारा कॉलेजों की सीटों का ब्यौरा अब तक कई बार अपडेट किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद वह अधूरा ही है। अब विवि ने जो सूची जारी की है उसमें अभी कई ऐसे सब्जेक्ट हैं जिनकी कॉलेजों में पीजी स्तर पर पढ़ाई होने के बावजूद एक भी पीएचडी सीट नहीं दिखाई गई है।
जाहिर है ऐसे में कॉलेजों की ओर से आपत्तियां आएंगी। जैसे जियोलॉजी की पढ़ाई पीजी स्तर पर बीएसएनवी, आईटी व शिया कॉलेज में होती है, लेकिन इसमें एक भी सीट नहीं दिखाई गई।
इसी तरह इंग्लिश की पढ़ाई नवयुग कन्या महाविद्यालय सहित कुछ कॉलेजों में है, इकोनॉमिक्स, हिस्ट्री, सोश्योलॉजी, एजुकेशन के सब्जेक्ट भी कॉलेजों में पीजी स्तर पर पढ़ाए जाते हैं, जबकि इनमें एक भी सीट नहीं मिली। कॉलेजों की आपत्तियां आने के बाद कुल सीटों की संख्या 500 के पार जाना लगभग तय है।
20 सितंबर को एलयू में होने वाली कार्यपरिषद की बैठक में पीएचडी व एमफिल के ऑर्डिनेंस के अलावा कुछ और मामले भी रखे जाएंगे। विवि के इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में हुई शिक्षक नियुक्ति भी सवालों के घेरे में आ चुकी है। आरोप है कि इसमें आरक्षण नियमों का पूरी तरह से पालन नहीं हुआ।
इसकी चयन समिति का लिफाफा भी इसी कार्यपरिषद में खोला जाएगा। एलयू द्वारा आयोजित बीएड प्रवेश परीक्षा 2016 और उसकी काउंसलिंग से जुड़े बजट को लेकर हुई वित्त समिति की बैठक का कार्यवृत्त भी इस दौरान अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाना है