{"_id":"617932d015389c07e159dcf7","slug":"50-percent-seats-are-vacant-after-counseling-in-polytechnic","type":"story","status":"publish","title_hn":"पॉलीटेक्निक: काउंसिलिंग खत्म, 50 फीसदी सीटों पर नहीं हुए दाखिले","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
पॉलीटेक्निक: काउंसिलिंग खत्म, 50 फीसदी सीटों पर नहीं हुए दाखिले
Wed, 27 Oct 2021 04:36 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 27 Oct 2021 04:36 PM IST
सार
सभी चरणों की काउंसलिंग होने के बाद भी पॉलीटेक्निक में अभी 50 फीसदी सीटें खाली हैं। सीटों को भरने के लिए एक और चरण की काउंसिलिंग कराने का प्रस्ताव भेजा गया है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पॉलीटेक्निक में दाखिले के लिए सभी चरणों की काउंसिलिंग खत्म हो गई है। बावजूद इसके करीब 50 फीसदी सीटें रिक्त रह गई हैं। अब बाकी बची सीटों को कुछ हद तक भरने के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद एक और चरण की काउंसिलिंग कराना चाहती है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। जल्द ही मुहर लगते ही काउंसलिंग के लिए एक बार फिर से वेबसाइट खोल दी जाएगी।
विज्ञापन
पॉलीटेक्निककी काउंसिलिंग 14 सितंबर से प्रारंभ हुई थी। पहले तीन चरण में मुख्य काउंसिलिंग कराई गई। कुल 9 चरण की काउंसिलिंग पूरी होने के बाद इसे खत्म कर दिया गया है। लेकिन, सभी चरण की काउंसिलिंग के बाद भी बमुश्किल 50 फीसदी सीटों पर ही छात्रों ने दाखिले लिए हैं।
विज्ञापन
यह स्थिति तब है जब काउंसिलिंग के बाद के चरणों में उन छात्रों को भी शामिल किया गया, जिन्होंने प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन नहीं किया और जिन्होंने आवेदन करने के बाद भी प्रवेश परीक्षा नहीं दी। पॉलीटेक्निक के विभिन्न पाठ्यक्रमों में करीब ढाई लाख सीटें हैं। इनमें से करीब सवा लाख सीटों पर ही छात्रों ने डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कराकर दाखिला लिया है।
विज्ञापन
परिषद के प्रभारी सचिव राम रतन ने बताया कि 10वें चरण की काउंसिलिंग कराने का प्रस्ताव भेजा गया है। यह अंतिम चरण की काउंसलिंग होगी। इसमें सभी प्रकार के छात्र भाग लेंगे। जो पूर्व में काउंसिलिंंग करा चुके हैं, लेकिन दाखिला नहीं लिए, जिन्होंने प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन नहीं किया और जिन्होंने आवेदन के बाद भी प्रवेश परीक्षा नहीं दी।