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लखनऊ विश्वविद्यालय में दोगुनी होंगी बीकॉम की सीटें

Fri, 24 Mar 2017 02:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 24 Mar 2017 02:57 PM IST
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 bcom seats to be increased in lucknow university
डेमो

लखनऊ विश्वविद्यालय में बीकॉम में दाखिले के लिए जमकर होड़ मचती है। इसे देखते हुए लविवि प्रशासन ने बीकाम में अगले सत्र से सीटें बढ़ाने का फैसला लिया है। वर्तमान समय में बीकॉम में रेग्युलर और सेल्फ फाइनेंस को मिलाकर 630 सीटें हैं। आवेदकों की भरमार को देखते हुए इसको लगभग दोगुना करने का फैसला लिया गया है।

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हालांकि इसी सत्र से सीटें बढ़ाना संभव नहीं है, क्योंकि विभाग में कक्षाओं के संचालन के लिए पर्याप्त कमरे नहीं हैं। इस समस्या का भी निराकरण किया जाना प्रस्तावित है। कॉमर्स विभाग के ऊपर 14 कमरों का एक भवन तैयार किया जाएगा, जिसमें कक्षाएं संचालित की जाएंगी।
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आगामी छह महीने में इसको पूरा करने की तैयारी कर ली है, जिससे कि अगले सत्र से बढ़ी हुई सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया को पूरा किया जाए। लविवि में स्नातक कक्षाओं में हर साल बीकॉम में प्रवेश को लेकर मारामारी रहती है। एक सीट पर 7-8 आवेदन आते हैं, जिसके कारण हजारों स्टूडेंट्स का विवि से बीकॉम करने का सपना चकनाचूर हो जाता है।
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इतना ही नहीं लविवि के संघटक कॉलेजों में भी प्रवेश का यही आलम रहता है, जिसके कारण स्टूडेंट्स को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्हें अपनी इंटर की पढ़ाई के बाद शहर से बाहर या अन्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों का रुख करना पड़ता है।

वर्तमान समय में एलयू में बीकॉम रेग्युलर कोर्स की 450 और सेल्फ फाइनेंस की 180 सीटें हैं। दोनों ही पाठ्यक्रम तीन वर्षीय हैं। इन पाठ्यक्रमों की डिमांड बहुत ज्यादा है। इसको देखते हुए विवि ने सीटें बढ़ाते हुए लगभग दोगुना करने का फैसला ले लिया है। लेकिन कुछ अड़चनों के कारण इसको इस बार से शुरू करना संभव नहीं है। इसके कारण लविवि इसको अगले सत्र से शुरू करने का मन बना चुका है।

कोर्स के बाद अवसरों की भरमार

 bcom seats to be increased in lucknow university
स्टूडेंट्स - फोटो : demo pic
कॉमर्स विभाग में स्टूडेंट्स की संख्या को देखते हुए कक्षाओं के संचालन के लिए कमराें की संख्या कम पड़ जाती है। यही कारण है कि बीकॉम की सीटों को इस साल से नहीं बढ़ाया जा सकेगा। इस समस्या के समाधान के लिए 14 कमरों का एक भवन बनाया जाएगा।

कॉमर्स विभाग के ऊपर इसको बनाने की योजना है। जल्द ही कार्य भी प्रारंभ कर दिया जाएगा, जिसमें कक्षाएं संचालित की जाएंगी।  बीकॉम में प्रवेश को लेकर किस कदर मारामारी होती है इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि एक सीट पर 10-10 स्टूडेंट्स की दावेदारी हो जाती है।

लविवि में हालांकि इसका 7-8 के बीच में ही रहता है, मगर आईटी, नेशनल जैसे कॉलेजों में यह औसत संख्या 10 के पार पहुंच पाती है। सीटों के बढ़ने से इसमें कमी आने की पूरी संभावना है।

बीकॉम में प्रवेश की मारामारी की सबसे बड़ी वजह इस कोर्स के बाद अवसरों की है। इस कोर्स को करने के बाद सीए, सीएस और सीएमए में प्रवेश के लिए एक चरण से राहत मिल जाती है। गौरतलब है कि सीए, सीएस और सीएमए में प्रवेश के लिए तीन चरणों से गुजरना होता है, जिसमें से बीकॉम डिग्रीधारियों को पहली बाधा का सामना नहीं करना पड़ता।

वहीं इसके अतिरिक्त बैंकिंग, कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंसी, टैक्स प्रैक्टिशनर्स आदि में काफी संभावनाएं होती हैं। यही कारण है कि स्टूडेंट्स का रुझान इस कोर्स की तरफ बहुतायत मात्रा में होता है।

‘आवेदनों की संख्या को देखते हुए सीटों को बढ़ाने का फैसला लिया गया है। हालांकि कक्षाओं की कमी के चलते इस सत्र से संभव नहीं है। इसलिए भवन निर्माण की प्रक्रिया जल्द से जल्द प्रारंभ की जाएगी। इसको छह माह में पूरा कर लिया जाएगा। अगले सत्र से पूरी कोशिश है कि बढ़ी सीटों पर प्रवेश हो सके।’ - प्रो. एसपी सिंह, कुलपति लविवि
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