पॉलीटेक्निक के किन पाठ्यक्रमों में होंगे बदलाव, पढें खबर...
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औद्योगिक सेक्टर में बढ़ रही मांग को देखते हुए पॉलीटेक्निक के डेढ़ दर्जन पाठ्यक्रमों को संशोधित किया जाएगा। इसके लिए प्राविधिक शिक्षा परिषद ने शोध, विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान (आईआरडीटी) को पाठ्यक्रमों में बदलाव से संबंधित प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
प्रस्ताव जल्द ही शासन को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। सूत्रों की मानें तो ज्यादातर तीन वर्षीय पाठ्यक्रमों में ही बदलाव किए जाएंगे। हालांकि कुछ एक या दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में भी बदलाव किए जाएंगे। संशोधित पाठ्यक्रमों को अगले सत्र से लागू किए जाने की तैयारी है।
औद्योगिक सेक्टर में इस्तेमाल किए जा रहे तकनीकों में हर साल हो रहे बदलाव के चलते उन्हें उसी के अनुरूप मैनपावर की भी जरूरत होती है, जबकि पॉलीटेक्निक में पढ़ाए जाने वाले अधिकांश कोर्स काफी पुराने हो चुके हैं।
हालांकि, हर तीसरे साल पाठ्यक्रमों को संशोधित करने का प्रावधान है। इसके तहत आईआरडीटी के विशेषज्ञों की टीम को औद्योगिक क्षेत्रों की मांग का अध्ययन करके पॉलीटेक्निक के कोर्सों में संशोधन का प्रस्ताव तैयार करना होता है।
इसमें इस बात का विशेष ख्याल रखा जाता है कि किस डिप्लोमा कोर्स के अभ्यर्थियों की मांग सर्वाधिक है। बता दें, पॉलीटेक्निक संस्थानों में फिलहाल 60 कोर्स का संचालन किया जा रहा है।
तीन वर्षीय पाठ्यक्रमों में ही होंगे ज्यादा बदलाव
इनमें कई कोर्स ऐसे हैं, जिनकी पढ़ाई करने वालों की इंडस्ट्री में अधिक मांग है। इसके मद्देनजर आईआरडीटी अगले तीन शैक्षिक सत्रों के लिए कई कोर्सों में संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर रहा है।
इन प्रमुख पाठ्यक्रमों में होंगे बदलाव
तीन वर्षीय पाठ्यक्रम : डिप्लोमा इन इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग-प्रोडक्शन, डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग-मेंटेंनेंस, डिप्लोमा इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग-कैट, डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग-रेफ्रिजिरेशन एंड एयरकंडीशनिंग, डिप्लोमा इन प्लास्टिक मोल्ड टेक्नोलॉजी, डिप्लोमा इन एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग, डिप्लोमा इन इलेक्ट्रॉनिक्स माइक्रो इंजीनियरिंग, डिप्लोमा इन डेयरी इंजीनियरिंग, डिप्लोमा इन इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग- एडवांस माइक्रो प्रोसेस एंड इंटर सेफ्टी, डिप्लोमा इन इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग-मॉडर्न कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक एपलायंसेज।
दो वर्षीय पाठ्यक्रम : पीजी डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन व पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन।
एक वर्षीय पाठ्यक्रम : पीजी डिप्लोमा इन ऑटो रिर्सोसेज, पीडी डिप्लोमा इन इंडस्ट्रीयल डवलपमेंट एंड फैशन टेक्नोलॉजी व डिप्लोमा इन इंडस्ट्रियल सेफ्टी।