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ढाई लाख स्टूडेंट्स को बड़ी राहत, नए सत्र में फीस नहीं बढ़ाएगा एकेटीयू

Sat, 25 Jul 2020 05:19 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 25 Jul 2020 05:19 PM IST
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AKTU will not increase fees in new session
एकेटीयू - फोटो : amar ujala
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) ने अपने यहां पढ़ने वाले 2.50 लाख स्टूडेंट्स को बड़ी राहत दी है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए शासन के निर्देश के क्रम में विश्वविद्यालय प्रशासन ने नए सत्र 2020-21 में किसी तरह की फीस वृद्धि न करने का निर्णय लिया है। यहां पिछले साल लागू शुल्क ही लगेगा। 
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विश्वविद्यालय में शासन की ओर से हर तीन साल में शुल्क निर्धारण के लिए प्रवेश एवं फीस नियमन समिति की बैठक होती है। इसमें कॉलेजों की फीस बढ़ाने व पुनर्निर्धारण आदि के प्रस्ताव पर मुहर लगती है। इस साल मार्च से कोरोना संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन और उसके बाद पैदा हुई समस्याओं की वजह से लोगों को काफी आर्थिक संकट झेलना पड़ा है।
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यही वजह है कि स्टूडेंट्स लगातार शुल्क माफ करने और पिछले सत्र में हॉस्टल आदि का प्रयोग न करने के कारण उसे एडजस्ट करने की मांग कर रहे हैं। स्टूडेंट्स इसके लिए बाकायदा सोशल मीडिया पर एक मुहिम चला रहे हैं कि जब संस्थान चार महीने से बंद हैं तो उनका बिजली, मेंटेनेंस आदि का तो कुछ खर्च हुआ नहीं। क्यों नहीं इसका लाभ स्टूडेंट्स को दिया जाना चाहिए। जिनके परिजन को इस दौरान आर्थिक समस्याओं से दो-चार होना पड़ा है। 
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डीएसआईआर सर्टिफिकेट के लिए मांगी जानकारी

इन सबका ध्यान रखते हुए प्राविधिक शिक्षा विभाग ने इस साल प्रवेश एवं फीस नियमन समिति की बैठक न करने और नए सत्र में भी वृद्धि करने की जगह पुरानी फीस ही प्रभावी रखने का निर्णय लिया है। इसकी सूचना उसने विश्वविद्यालय को भेजी है। इसी क्रम में रजिस्ट्रार नंदलाल सिंह ने सभी संबद्ध 756 कॉलेजों को पत्र भेजकर कहा है कि नए सत्र में शुल्क वृद्धि नहीं होगी।

उन्होंने कहा है कि कोरोना वायरस और लॉकडाउन के कारण पैदा हुई परिस्थितियों के कारण प्रवेश एवं फीस नियमन समिति में विचाराधीन संस्थाओं के शुल्क का निर्धारण सत्र 2017-18 में जो निर्धारित किया गया था, वही 2020-21 में भी प्रभावी रहेगा। इसे स्टूडेंट्स के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। अन्यथा उन्हें नए सत्र में बढ़ी हुई फीस का बोझ भी उठाना पड़ता। 

एकेटीयू खुद को व संबद्ध कॉलेजों को जीएसटी और कस्टम ड्यूटी से छूट दिलाने के लिए केंद्र में आवेदन करेगा। इसी क्रम में उसने अपने सभी कॉलेजों से एक निर्धारित फॉर्मेट में जानकारी मांगी है। विश्वविद्यालय की ओर से कॉलेजों को भेजे पत्र में कहा गया है कि विश्वविद्यालय को पूर्व में जारी डीएसआईआर सर्टिफिकेट के रिन्युअल के लिए साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च डिपार्टमेंट में आवेदन करना है, ताकि आगे इसका लाभ विवि व संबद्ध संस्थाओं को रिसर्च आदि में मिल सके।
 
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