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इंटर्नल एग्जाम में कम नंबर देने वाले इंजीनियरिंग कॉलेज पर 10 लाख का जुर्माना

Fri, 08 Jul 2016 11:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 08 Jul 2016 11:35 AM IST
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aktu iposes 10 lakh fine on seth srinivas engineering college of kanpur
डेमो प‌िक - फोटो : Demo pic

जान बूझकर दो छात्रों को आंतरिक परीक्षा में कम अंक देकर फेल करने के आरोपी कानपुर के सेठ श्रीनिवास अग्रवाल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी पर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय ने 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। 

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यही नहीं तीन साल से अपने रिजल्ट के लिए परेशान हो रहे दोनों छात्रों को कॉलेज द्वारा एक-एक लाख रुपये क्षतिपूर्ति करने का निर्देश भी कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने दिया है। 
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मालूम हो कि कानपुर के इस इंजीनियरिंग कॉलेज ने बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग अंतिम सेमेस्टर के छात्र विनीत प्रजापति और अश्वनी कुमार यादव को साजिशन बहुत ही कम इंटर्नल अंक दिए। इसके चलते वे फेल हो गए।
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इस मामले में विनीत ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। इस पर कोर्ट ने एकेटीयू कुलपति को मामले का निस्तारण करने केनिर्देश दिए। कुलपति प्रो. पाठक ने जब विनीत से उसका पक्ष जाना तो सामने आया कि इन दोनों छात्रों की समाज कल्याण विभाग से आने वाली छात्रवृत्ति को कॉलेज ने संबंधित बैंकप्रबंधक के साथ मिलकर हड़प लिया था। 

इस मामले में छात्रों ने आवाज उठाई। इससे कॉलेज प्रबंधन उनसे चिढ़ गया। छात्रों के अनुसार, संस्थान के रजिस्ट्रार विनीत शुक्ला ने पहले ही धमकी दी थी कि प्रैक्टिकल के अंक कॉलेज के हाथ में होते हैं।

जांच में पकड़ा गया कॉलेज का फर्जीवाड़ा

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विवि ने जब विनीत की शिकायत आने के बाद अश्वनी से खुद संपर्क किया तो कॉलेज का फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आने लगा। 

इन दोनों को इंटर्नल में मात्र पांच-पांच अंक दिए गए थे। विवि के नियमानुसार सेमेस्टर परीक्षा में शामिल होने के लिए 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है। ऐसे में इंटर्नल में उपस्थिति के ही 7.5 अंक होते हैं। यदि छात्र को कॉलेज ने पांच अंक ही दिए तो इसका मतलब है कि उपस्थिति पूरी नहीं थी।

विवि ने कॉलेज से जब इस बाबत साक्ष्य मांगा तो वह भी फर्जी पाए गए। इन दोनों छात्रों को तीन साल के इंतजार के बाद इंसाफ मिला है। कुलपति प्रो. पाठक ने दोनों छात्रों को कॉलेज द्वारा दिए अंक समाप्त करके एवरेज अंक देकर नया रिजल्ट तैयार करवाया है। 

वहीं, छात्रों के प्रोजेक्ट में इंटर्नल व एक्सटर्नल एग्जामिनर रहे विपिन कुमार द्विवेदी और लालमन पटेल को तीन साल के लिए विवि के परीक्षा कार्य से डिबार कर दिया गया है।

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