एलयूः एमबीए फाइव ईयर पाठ्यक्रम के नियमों में बदलाव, स्टूडेंट्स की मांग को देखते हुए किया फैसला
लखनऊ विश्वविद्यालय में एमबीए फाइव ईयर पाठ्यक्रम के नियमों में बदलाव कर दिया गया है। नए नियम लागू होने के बाद तीन साल की पढ़ाई पूरी करने पर बीबीए की डिग्री दे दी जाएगी। पांच साल की पूरी पढ़ाई करने पर उन्हें एमबीए की डिग्री मिल जाएगी।
विद्यार्थियों की मांग को देखते हुए प्रति-कुलपति की अध्यक्षता वाली समिति ने यह शुक्रवार को यह फैसला किया। लविवि ने तीन साल पहले एमबीए फाइव ईयर पाठ्यक्रम शुरू किया गया था। इसमें 12वीं पास विद्यार्थियों को दाखिला दिया गया था।
विद्यार्थियों का कहना है कि दाखिले के समय उनसे कहा गया था कि पांच साल तक पढ़ाई करना अनिवार्य नहीं होगा। अगर वे चाहेंगे तो फिर तीन साल की पढ़ाई पूरी करने पर उन्हें बीबीए की डिग्री दे दी जाएगी।
इस साल जब तीन साल पूरे हुए तो कई विद्यार्थियों ने पढ़ाई छोड़कर बीबीए की डिग्री मांगी। लविवि का कहना था कि ऐसा कोई नियम नहीं बनाया गया था। इसके बाद लविवि ने इस संबंध में नियम बना दिया है।
फाइव ईयर के विद्यार्थी एमबीए के लिए भरेंगे आधी फीस
लविवि में एमबीए फाइव ईयर पाठ्यक्रम में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को कई फायदे हैं। पहला फायदा यह है कि तीन साल की पढ़ाई पूरी करने पर उन्हें बीबीए की डिग्री मिल जाएगी। दूसरा फायदा यह है कि उन्हें एमबीए पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए न तो आवेदन फॉर्म भरना होगा और ना ही प्रवेश परीक्षा देनी होगी।
इसके साथ ही एमबीए फाइव ईयर की फीस सिर्फ 40 हजार रुपये सेमेस्टर है। जबकि साधारण एमबीए की फीस 75 हजार रुपये प्रति सेमेस्टर है। इस तरह उन्हें एमबीए के लिए तकरीबन आधी फीस ही चुकानी होगी।
आदेश जारी किया जाएगा
विद्यार्थियों की मांग को देखते हुए यह फैसला किया गया है कि वे तीन साल की पढ़ाई पूरी करने पर बीबीए की डिग्री ले लें। पांच साल की पढ़ाई पूरी करने पर उन्हें एमबीए और बीबीए दोनों की डिग्री मिल जाएगी। इस संबंध में आदेश जारी किया जा रहा है। - प्रो. राजकुमार सिंह, प्रति-कुलपति, लविवि