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लखनऊ के आईटी गर्ल्स कॉलेज में इन पाठ्यक्रमों के दाखिले पर लगी रोक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 14 Jun 2018 03:36 PM IST
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- फोटो : डेमो
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लखनऊ के प्रतिष्ठित आईटी गर्ल्स डिग्री कॉलेज के कई पाठ्यक्रमों के दाखिलों पर रोक लगा दी गई है। लखनऊ विश्वविद्यालय में बुधवार को हुई कार्य परिषद बैठक में निर्धारित अवधि में पाठ्यक्रमों का स्थायीकरण न होने तथा शिक्षक अनुमोदित न कराने पर यह फैसला किया गया है।
कार्य परिषद के नियमों के अनुसार आईटी कॉलेज एमए अर्थशास्त्र, एमएससी केमिस्ट्री, एमएससी बायोटेक्नोलॉजी में दाखिले नहीं ले पाएगा। बीकॉम की सीट संख्या 320 से घटाकर अब 80 कर दी गई है। बैठक में इसके अलावा कई कॉलेजों के पाठ्यक्रमों के स्थायीकरण, नई सहयुक्तता जारी करने के साथ ही शिक्षकों के प्रमोशन और नियुक्ति संबंधी लिफाफे भी खोले गए।
लविवि की 19 जून 2017 को हुई कार्य परिषद बैठक में सहयुक्तता लेने संबंधी नियम बनाए गए थे। इस नियम के तहत कॉलेज को किसी पाठ्यक्रम की स्थायी मान्यता लेने के लिए अधिकतम सात साल की अवधि निर्धारित की है। विवि निरीक्षण के बाद कॉलेज को तीन साल की अस्थायी सहयुक्तता देता है।
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इसके बाद उसे स्थायी सहयुक्तता लेनी होती है। परिषद ने तीन साल के बाद एक साल की छूट दी है। इसकेबाद पांचवें साल कॉलेज पर एक लाख, छठे साल दो लाख और सातवें साल तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाने का नियम बनाया गया है। सात साल पूरे होने के बाद कॉलेज के उस पाठ्यक्रम की मान्यता स्वत: समाप्त मानी जाएगी।
आईटी गर्ल्स कॉलेज ने एमए अर्थशास्त्र, एमएससी केमिस्ट्री और एमएससी बायोटेक्नोलॉजी की स्थायी मान्यता सात साल पूरे होने के बावजूद नहीं ली है। वही बीए सेल्फ फाइनेंस में कॉलेज का एक भी शिक्षक विवि से अनुमोदित नहीं हैं। बीकॉम में चार सेक्शन की 320 सीटों पर सिर्फ तीन शिक्षक ही अनुमोदित हैं
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कार्य परिषद के नियमों के अनुसार आईटी कॉलेज एमए अर्थशास्त्र, एमएससी केमिस्ट्री, एमएससी बायोटेक्नोलॉजी में दाखिले नहीं ले पाएगा। बीकॉम की सीट संख्या 320 से घटाकर अब 80 कर दी गई है। बैठक में इसके अलावा कई कॉलेजों के पाठ्यक्रमों के स्थायीकरण, नई सहयुक्तता जारी करने के साथ ही शिक्षकों के प्रमोशन और नियुक्ति संबंधी लिफाफे भी खोले गए।
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लविवि की 19 जून 2017 को हुई कार्य परिषद बैठक में सहयुक्तता लेने संबंधी नियम बनाए गए थे। इस नियम के तहत कॉलेज को किसी पाठ्यक्रम की स्थायी मान्यता लेने के लिए अधिकतम सात साल की अवधि निर्धारित की है। विवि निरीक्षण के बाद कॉलेज को तीन साल की अस्थायी सहयुक्तता देता है।
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इसके बाद उसे स्थायी सहयुक्तता लेनी होती है। परिषद ने तीन साल के बाद एक साल की छूट दी है। इसकेबाद पांचवें साल कॉलेज पर एक लाख, छठे साल दो लाख और सातवें साल तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाने का नियम बनाया गया है। सात साल पूरे होने के बाद कॉलेज के उस पाठ्यक्रम की मान्यता स्वत: समाप्त मानी जाएगी।
आईटी गर्ल्स कॉलेज ने एमए अर्थशास्त्र, एमएससी केमिस्ट्री और एमएससी बायोटेक्नोलॉजी की स्थायी मान्यता सात साल पूरे होने के बावजूद नहीं ली है। वही बीए सेल्फ फाइनेंस में कॉलेज का एक भी शिक्षक विवि से अनुमोदित नहीं हैं। बीकॉम में चार सेक्शन की 320 सीटों पर सिर्फ तीन शिक्षक ही अनुमोदित हैं
इधर, एमसी सक्सेना पर तीन लाख का जुर्माना
Money Laundering
कार्य परिषद ने डॉ. एमसी सक्सेना कॉलेज ऑफ एजूकेशन पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इस कॉलेज में अस्थायी मान्यता के सहारे बीएड पाठ्यक्रम संचालन का यह सातवां साल है। इसलिए इस कॉलेज पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अगले साल मान्यता स्थायी न होने इसकी मान्यता स्वत: समाप्त मानी जाएगी।
आईटी कॉलेज की आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बुधवार को कॉलेज में बीकॉम और बीएससी मैथ्स की प्रवेश परीक्षा भी हुई। बृहस्पतिवार को बीएससी बायो और बीए की प्रवेश परीक्षा होनी है। लविवि के फरमान के बाद कॉलेज में बीकॉम को लेकर मारामारी और भी बढ़ जाएगी। कॉलेज में 320 के बजाय अब सिर्फ 80 सीट पर ही दाखिला हो पाएगा।
कॉलेज में अभी संचालित पाठ्यक्रमों की स्थिति
दाखिला- प्रवेश परीक्षा
कोर्स का नाम सीटें
बीकॉम सेल्फ फाइनेंस- 240
बीए रेगुलर 380
बीए सेल्फ फाइनेंस- 200
बीएससी मैथ्स-बॉयो ग्रुप- 200
बीएससी मैथ्स-बॉयो सेल्फ फाइनेंस- 220
बीएससी क्लिनिकल न्युट्रिशन ऐंड डायटिक्स- 60
एमए अर्थशास्त्र-60
एमएससी केमिस्ट्री- 30
एमएससी-बायोटेक्नोलॉजी- 30
आईटी कॉलेज की आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बुधवार को कॉलेज में बीकॉम और बीएससी मैथ्स की प्रवेश परीक्षा भी हुई। बृहस्पतिवार को बीएससी बायो और बीए की प्रवेश परीक्षा होनी है। लविवि के फरमान के बाद कॉलेज में बीकॉम को लेकर मारामारी और भी बढ़ जाएगी। कॉलेज में 320 के बजाय अब सिर्फ 80 सीट पर ही दाखिला हो पाएगा।
कॉलेज में अभी संचालित पाठ्यक्रमों की स्थिति
दाखिला- प्रवेश परीक्षा
कोर्स का नाम सीटें
बीकॉम सेल्फ फाइनेंस- 240
बीए रेगुलर 380
बीए सेल्फ फाइनेंस- 200
बीएससी मैथ्स-बॉयो ग्रुप- 200
बीएससी मैथ्स-बॉयो सेल्फ फाइनेंस- 220
बीएससी क्लिनिकल न्युट्रिशन ऐंड डायटिक्स- 60
एमए अर्थशास्त्र-60
एमएससी केमिस्ट्री- 30
एमएससी-बायोटेक्नोलॉजी- 30
बगैर शिक्षकों के ही किया जा रहा पाठ्यक्रमों का संचालन
डेमो
संस्थान नियम से चलते हैं। कार्य परिषद का आदेश होने के बावजूद कॉलेज ने पाठ्यक्रमों का स्थायीकरण नहीं कराया है। बगैर शिक्षकों के ही पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। इसलिए कार्य परिषद ने कॉलेज में बीकॉम पाठ्यक्रम में सीटों की संख्या शिक्षकों के अनुपात में एक सेक्शन कर दी है। अनुमोदित शिक्षक न होने की वजह से बीए सेल्फ फाइनेंस तथा पीजी के पाठ्यक्रमों में दाखिले पर रोक लगा दी गई है। - प्रो.एसपी सिंह कुलपति, लविवि
कार्य परिषद ने क्या फैसला किया है, अभी तक इसकी कोई जानकारी नहीं है। विवि से लिखित जानकारी मिलने पर ही इस मामले पर कुछ कहा जा सकता है। - डॉ. विनीता प्रकाश प्राचार्य, आईटी गर्ल्स डिग्री कॉलेज
कार्य परिषद ने क्या फैसला किया है, अभी तक इसकी कोई जानकारी नहीं है। विवि से लिखित जानकारी मिलने पर ही इस मामले पर कुछ कहा जा सकता है। - डॉ. विनीता प्रकाश प्राचार्य, आईटी गर्ल्स डिग्री कॉलेज