लखनऊ विश्वविद्यालय: मेरिट नहीं अब प्रवेश परीक्षा से होंगे दाखिले
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लखनऊ विश्वविद्यालय में अब प्रवेश परीक्षा के आधार पर ही स्नातक कक्षाओं में दाखिले होंगे। यानी मेरिट सिर्फ प्रवेश परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर ही तैयार की जाएगी। यह पहला मौका है जब एलयू में पूरी तौर पर प्रवेश परीक्षा की मेरिट पर ही दाखिले दिए जाएंगे। स्नातक के आवेदन फॉर्म 25 अप्रैल से पहले भरे जाने शुरू हो जाएंगे। मई के अंतिम सप्ताह में प्रवेश परीक्षाएं होंगी।
वहीं 30 जून तक स्नातक के सभी प्रवेश पूरे कर लिए जाएंगे। दूसरे अन्य अहम फैसले में विश्वविद्यालय ने सभी कोर्सेज में एडमिशन फॉर्म के शुल्क में 33.33 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी है।
विश्वविद्यालय का दावा है कि सात साल बाद यह बढ़ोतरी की गई है। कुलपति प्रो. एसबी निमसे की अध्यक्षता में शनिवार को प्रवेश समिति की बैठक में ये फैसले लिए गए।
प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय के मुताबिक 2006 में विश्वविद्यालय ने अंतिम बार प्रवेश परीक्षा से दाखिले किए थे। उस समय इंटरमीडिएट और प्रवेश परीक्षा के 50-50 फीसदी अंक जोड़कर मेरिट तैयार की जाती थी। अब इंटरमीडिएट के अंक नहीं जोड़े जाएंगे।
प्रवेश प्रक्रिया के लिए जल्द ही विश्वविद्यालय एजेंसी तय करेगा। इसके लिए नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) के साथ ही अन्य एजेंसियों से भी बात की जाएगी।
डेढ़ घंटे में 100 ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन का देना होगा जवाब
विश्वविद्यालय छह स्ट्रीम यानी बीए, बीएससी मैथ्स, बीएससी बायोलॉजी, बीकॉम, लॉ और फाइन आर्ट्स के प्रवेश परीक्षा कराएगा। सभी स्ट्रीम की परीक्षा में 100-100 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे। बैठक में तय किया गया कि परीक्षा डेढ़ घंटे की होगी। परीक्षा में इंटरमीडिएट के सब्जेक्ट से जुड़े ही सवाल होंगे।
जनरल-ओबीसी के लिए 200 रुपये बढ़ा आवेदन शुल्क
विश्वविद्यालय ने सभी कोर्सेज में जनरल और ओबीसी के लिए आवेदन शुल्क में 200 तो एससी-एसटी के लिए 100 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है।
जनरल व ओबीसी कैटेगरी के स्टूडेंट को अब यूजी में 800, पीजी में 1000 और पीएचडी में 1200 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा। एससी व एसटी के लिए यूजी में 400, पीजी में 500 और पीएचडी में 600 रुपये आवेदन शुल्क होगा। शुल्क बढ़ोतरी पर यूनिवर्सिटी दो तर्क दे रहा है।
पहला स्नातक कक्षाओं में प्रवेश परीक्षा से खर्च बढ़ना तो दूसरा महंगाई का बढ़ना। प्रो. एनके पांडेय का तर्क है कि विश्वविद्यालय ने 2009 से आवेदन शुल्क नहीं बढ़ाया था जबकि महंगाई तबसे कितनी बढ़ गई।
...और ये भी लिए गए अहम फैसले
एक ही दिन में कम्प्लीट होगा आवेदन फॉर्म
अब तक प्रवेश के लिए आवेदन फॉर्म तीन चरण में कम्प्लीट होता था। पहले चरण में आवेदक को अपना ऑनलाइन पंजीकरण कराना होता था जबकि दूसरे चरण में शुल्क जमा करते। इसके बाद तीसरे चरण में ट्रांजेक्शन आईडी हासिल कर आवेदन फार्म कम्प्लीट करना होता था। इसमें तीन दिन लग जाते थे। सूत्रों के अनुसार इस बार रजिस्ट्रेशन के समय ही ऑनलाइन शुल्क जमा करके फॉर्म कम्प्लीट किया जा सकेगा।
परीक्षा के बाद जारी होगी आंसर-की
प्रवेश परीक्षा के बाद ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी स्टूडेंट घर ले जा सकेंगे। परीक्षा के दिन ही शाम तक या अगले दिन विश्वविद्यालय आंसर-की जारी करेगा। ओएमआर शीट की कॉर्बन कॉपी से मिलान कर परीक्षार्थी जान सकेंगे कि प्रवेश की कतार में वे कहां खड़े हैं।
परीक्षा फॉर्म भरने का झंझट भी खत्म
विश्वविद्यालय के छात्रों को अब परीक्षा फॉर्म भरने का भी झंझट नहीं रहेगा। प्रवेश के समय स्टूडेंट्स का डाटा इस तरह से लिया जाएगा कि उसी से उनका परीक्षा फॉर्म भी पूरा भर जाए। अभी विश्वविद्यालय प्रवेश के समय परीक्षा शुल्क तो जमा करा लेता है लेकिन परीक्षा फॉर्म एग्जाम से पहले भराया जाता है।