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एकेडमिक ऑडिट कर सुधारी जाएगी विश्वविद्यालयों व डिग्री कॉलेजों की शिक्षा गुणवत्ता

Wed, 06 Apr 2016 11:21 AM IST
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 06 Apr 2016 11:21 AM IST
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Academic audit to be done in Universities and colleges.

प्रदेश सरकार सूबे के राज्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए एकेडमिक ऑडिट कराने जा रही है। यह ऑडिट दो स्तरों पर होगा। पहले स्तर पर संस्थान का और दूसरे स्तर पर वहां के शिक्षकों का ऑडिट होगा।

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इसमें प्रत्येक शिक्षकों का भी रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। जबकि संस्थानों की रैकिंग बनाई जाएगी। सरकार ने एकेडमिक ऑडिट कराने के लिए आंध्र प्रदेश मॉडल को अपनाने का फैसला किया है। एकेडमिक ऑडिट में दो तरह के फॉर्म भरे जाएंगे। पहला फॉर्म संस्थान का स्तर नापने के लिए बनाया गया है।
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इसे कुलपति या फिर डिग्री कॉलेजों के प्रिंसिपल भरेंगे जबकि दूसरा फॉर्म शिक्षकों को भरना होगा। साथ ही उन्हें साक्ष्य के तौर पर कुछ कागज भी लगाने होंगे।

एकेडमिक ऑडिट के लिए एकेडमिक एडवाइजर व वरिष्ठ शिक्षकों की एक टीम बनाई जाएगी। यह टीम संस्थानों की रिपोर्ट को जांचने के बाद उनकी रैकिंग तय करेगी।

प्रदेश सरकार बनवा रही है सॉफ्टवेयर

Academic audit to be done in Universities and colleges.

इसके लिए प्रदेश सरकार एक सॉफ्टवेयर बनवा रही है। इसी सॉफ्टवेयर में शिक्षकों को फॉर्म भरने होंगे। स्वमूल्यांकन करने के बाद यह फॉर्म संस्थान के एकेडमिक हेड के पास चला जाएगा।

एकेडमिक हेड की टिप्पणी के बाद यह प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के पास पहुंचेगा। यहीं पर इसकी जांच-पड़ताल होगी।

यदि जरूरत पड़ी तो टीम संस्थान में पठन-पाठन के साथ ही अन्य गतिविधियों की जांच भी कर सकती है। संस्थान को इस टीम को अपने सभी रिकॉर्ड दिखाने होंगे।

ऑडिट के बाद इसकी रिपोर्ट संस्थान को भेजी जाएगी। एकेडमिक ऑडिट में यदि कोई कमी पाई जाती है तो उसे सुधारने के लिए संस्थान को दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

इन चीजों का होगा मूल्यांकन

Academic audit to be done in Universities and colleges.

कक्षाओं का संचालन, को-कॅरिकुलर एक्टिविटीज एवं एक्स्ट्रा कॅरिकुलर एक्टिविटीज, कॉलेज एवं विश्वविद्यालय एक्टिविटीज रजिस्टर, डिपार्टमेंट एक्टिविटीज रजिस्टर, कैंपस में अनुशासन की स्थिति, कॅरिअर गाइडेंस सेल, इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल, लाइब्रेरी की स्थिति, रिसर्च एवं प्रयोगशालाएं, खेल-कूद की स्थिति, फाउंडेशन कोर्स, छात्रों द्वारा शिक्षकों का मूल्यांकन, रजिस्टरों का रखरखाव, शिक्षकों की डायरी एवं उनके शैक्षिक प्लान, एनसीसी एवं एनएसएस की स्थिति, वीमेन इम्पावरमेंट सेल की स्थिति, पेयजल व साफ-सफाई की स्थिति और शिक्षकों की कार्यप्रणाली।

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यह है इस ऑडिट का उद्देश्य

Academic audit to be done in Universities and colleges.

-उच्च शिक्षण संस्थान की गुणवत्ता में सुधार लाना
-संस्थान एकेडमिक शेड्यूल एवं अन्य गतिविधियों का पालन कर रहे हैं या नहीं

-संस्थान में होने वाले एकेडमिक एक्टिविटीज की जांच करना
-शिक्षकों को जवाबदेह बनाने के साथ ही उनमें व्यावसायिक दक्षता बढ़ाना।

इस पर उच्च शिक्षा के प्रमुख सचिव जितेंद्र कुमार का कहना है कि एकेडमिक ऑडिट का फॉर्मेट सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के पास भेज दिया गया है। उनसे कहा गया है कि यदि इसमें कोई सुझाव देना है तो 30 अप्रैल तक दे सकते हैं। इन सुझावों को शामिल करते हुए शैक्षिक सत्र 2016-17 से ही एकेडमिक ऑडिट शुरू कर दिया जाएगा।

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