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एकेटीयू में फार्मेसी के संस्थान तो बढ़े लेकिन इन विषयों के घटे

Sat, 19 May 2018 03:45 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 19 May 2018 03:45 PM IST
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41 institutions of pharmacy increased in aktu
- फोटो : डेमो
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) की नए सत्र की संबद्धता प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेश में 41 नए फार्मेसी संस्थानों को संबद्धता मिली है। जबकि 5 मैनेजमेंट संस्थानों ने पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट (पीजीडीएम) को मास्टर इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) में कनवर्ट किया है।
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दो में पहले से एमबीए चल रहा है। इस तरह एकेटीयू से जुड़े इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट व फार्मेसी कॉलेजों की संख्या नए सत्र में बढ़कर 597 हो जाएगी जो वर्तमान सत्र में 592 है। वहीं, संबद्धता प्रक्रिया के तहत प्रदेश में कुल 31 संस्थानों को पूर्ण रूप से व चरणबद्ध बंदी की सहमति मिली है।
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इसमें 14 मैनेजमेंट व 17 इंजीनियरिंग कॉलेज शामिल हैं। हालांकि इसमें से 11 संस्थानों ने 2017-18 में भी संबद्धता रिव्यूवल के लिए आवेदन नहीं किया था। इनमें से 3 खुद में विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त कर चुके हैं।
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मैनेजमेंट की तरफ भी घटा रुझान

41 institutions of pharmacy increased in aktu
गौरतलब है कि इंजीनियरिंग की तरफ तेजी से घट रहे रुझान, ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) व शासन की संबद्धता को लेकर की गई सख्ती के बाद माना जा रहा था कि सत्र 2018-19 में प्रदेश में काफी संख्या में इंजीनियरिंग संस्थान बंद होंगे।

लेकिन यह संख्या अपेक्षाकृत कम रही। इंजीनियरिंग की तर्ज पर अब मैनेजमेंट संस्थानों में भी विद्यार्थियों का टोटा पड़ना शुरू हो गया है। जिन 31 संस्थानों को बंदी की सहमति मिली है उसमें से एक दर्जन से अधिक मैनेजमेंट संस्थान हैं।

माना जा रहा है कि पिछले दिनों आईआईएम को एमबीए की डिग्री देने का बिल पास हो गया है। जो इस साल से प्रभावी होगा, इसका भी कुछ असर प्राइवेट मैनेजमेंट संस्थानों पर पड़ा है। 
 
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