यूपी: विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों में बढ़ेंगी 33 फीसदी सीटें
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प्रदेश सरकार ने राज्य विश्वविद्यालयों व उससे संबद्ध डिग्री कॉलेजों में स्नातक की 33 फीसदी तक सीटें बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब विश्वविद्यालय अपने यहां स्नातक के एक सेक्शन में 60 के बजाय 80 सीटों पर दाखिला ले सकेंगे। यह निर्णय बीए, बीएससी व बीकॉम की सीटों पर लागू होगा।
स्नातक कक्षाओं में दाखिले को लेकर हो रही मारामारी को देखते हुए सरकार ने सभी राज्य विश्वविद्यालयों में सीटें बढ़ाने का निर्णय किया है।
चुनावी वर्ष को देखते हुए युवाओं को खुश करने के लिए सरकार ने इतनी अधिक संख्या में सीटें बढ़ाने का निर्णय किया है। हालांकि सरकार ने विश्वविद्यालय के कुलपतियों को यह अधिकार दिया है कि वे अपने यहां उपलब्ध संसाधनों व शिक्षकों की उपलब्धता आदि मानकों का परीक्षण करते हुए सीट बढ़ाने का निर्णय अपने स्तर से करें।
उच्च शिक्षा विभाग ने बृहस्पतिवार को सभी कुलपतियों को इसके औपचारिक आदेश भेज दिए हैं। इसमें राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 में दिए गए प्रावधानों के अनुरूप विश्वविद्यालय की परिनियमावली में सीटें बढ़ाने की व्यवस्था की गई है। इसमें साफ है कि प्रत्येक सेक्शन में 60 के बजाय 80 सीटों तक में दाखिला लिया जा सकता है।
इवनिंग क्लास को भी दी मंजूरी
प्रदेश सरकार ने स्नातक कक्षाओं के दाखिले में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए विश्वविद्यालयों एवं संबद्ध महाविद्यालयों को इवनिंग क्लास चलाने की अनुमति दे दी है। इसमें कला, वाणिज्य एवं विज्ञान तीनों ही संकायों की स्नातक की कक्षाएं चलाई जाएंगी।
यह कक्षाएं सेल्फ फाइनेंस योजना के तहत चलाई जाएंगी। यानी इनकी फीस नियमित कक्षाओं से ज्यादा होगी। सरकार इन कक्षाओं के संचालन के लिए किसी भी प्रकार का अनुदान नहीं देगी।
इवनिंग क्लास में पढ़ाई मानदेय एवं रिटायर्ड शिक्षकों के माध्यम से होगी। महाविद्यालयों को इवनिंग क्लास की अनुमति उनके यहां के विश्वविद्यालय के कुलपति देंगे। हालांकि कुलपति भी यह अनुमति तभी देंगे जब कार्यपरिषद की स्वीकृति मिल जाएगी।
इवनिंग क्लास में होने वाले दाखिले भी उसी प्रकार होंगे जिस प्रकार नियमित कक्षाओं के होते हैं। इनमें भी आरक्षण की वही व्यवस्था लागू होगी। इवनिंग क्लास की अनुमति तभी दी जाएगी जब रेगुलर क्लास की सभी सीटें फुल हो गई हों। यदि उस क्षेत्र में किसी दूसरे कॉलेज में सीटें खाली हैं तो भी अनुमति नहीं मिलेगी।