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भाषा विवि के पूर्व कुलपति प्रो. माहरुख मिर्जा के खिलाफ नियुक्तियों में गड़बड़ी की जांच करेगी समिति
Fri, 05 Feb 2021 11:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 05 Feb 2021 11:24 PM IST
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3 members committee will probe Prof Mahrukh Mirza case
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ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. माहरुख मिर्जा के खिलाफ नियुक्तियों में गड़बड़ी व वित्तीय अनियमितता की शिकायत पर शासन ने जांच बैठा दी है। इसके लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है।
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शुक्रवार को विवि में हुई कार्य परिषद की बैठक में इससे जुड़ी जानकारी दी गई। इसे देखते हुए कार्य परिषद ने यह भी निर्णय लिया कि जांच प्रक्रिया पूरी होने तक पूर्व कुलपति प्रो. माहरूख मिर्जा को किसी प्रकार का प्रशासनिक दायित्व नहीं दिया जाएगा। हालांकि, वे पहले की तरह शिक्षण कार्य कर सकेंगे।
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शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार बतौर कुलपति प्रो. माहरुख मिर्जा के खिलाफ कार्यकाल के अंतिम दिनों में शिक्षकों की संविदा व नियमित नियुक्ति में आरक्षण नियमों की अनदेखी, परिचितों व रिश्तेदारों की नियुक्तियां करने, विवि की परिनियमावली व यूजीसी के मानकों की अवहेलना, वित्तीय अनियमितता की शिकायत है।
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इसकी जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एसके त्रिपाठी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। यह उत्तर प्रदेश राज्य विवि अधिनियम 1973 की धारा-8 के तहत जांच करके एक महीने में शासन को रिपोर्ट देगी। बता दें कि प्रो. मिर्जा की ओर से कार्यकाल के आखिरी समय में काफी शैक्षणिक पदों पर भर्ती की गई थी, जिसे लेकर शिकायतें हुई थीं। यही वजह रही कि कार्यकाल खत्म होने के कुछ दिन पहले ही उन्हें लंबी छुट्टी पर जाना पड़ा था।