फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   11 colleges of lucknow would not be able to seek admission

लखनऊ यूनिवर्सिटीः 11 कॉलेजों के 13 कोर्सेज में दाखिले पर रोक, यहां देखें- पूरी डिटेल

Fri, 19 Jul 2019 01:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Fri, 19 Jul 2019 01:05 AM IST
विज्ञापन
11 colleges of lucknow would not be able to seek admission
लखनऊ यूनिवर्सिटी - फोटो : amar ujala

लखनऊ विश्वविद्यालय ने 11 कॉलेजों के 13 पाठ्यक्रमों में इस साल से दाखिले पर रोक लगा दी है। इन कॉलेजों ने अस्थायी सहयुक्तता की अवधि समाप्त होने के बावजूद न तो स्थायी कराई और ना ही इसके विस्तारण के लिए आवेदन ही किया।

विज्ञापन


इसको देखते हुए लविवि ने कॉलेजों को इन कोर्सेज में दाखिले लेने से मना कर दिया है। अगर कॉलेज इन पाठ्यक्रमों में दाखिले ले भी लेंगे तो लविवि उनकी परीक्षा नहीं कराएगा। कुलसचिव एसके शुक्ला ने इसका आदेश बुधवार को जारी कर दिया। यह आदेश पिछले सत्रों में लिए गए दाखिलों पर लागू नहीं होगा।
विज्ञापन


लविवि में स्ववित्तपोषित योजना के तहत कॉलेेजों को तीन साल के लिए मान्यता देने का नियम है। तीन साल के बाद मान्यता स्थायी करानी होती है। इसमें एक साल की छूट दी जा सकती है। अगर कॉलेज चौथे साल भी मान्यता स्थायी नहीं करा पाता है तो उस पर हर साल एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह जुर्माना अधिकतम तीन लाख रुपये हो सकता है। मतलब चार साल के बाद अगले तीन साल तक जुर्माना अदा करके कॉलेज दाखिले ले सकते हैं। सात साल की अवधि के बाद किसी भी सूरत में दाखिला लेना संभव नहीं है और कोर्स की मान्यता अपने आप समाप्त समझी जाती है।

छह बार जारी हुआ नोटिस

11 colleges of lucknow would not be able to seek admission
प्रतीकात्मक तस्वीर

विवि ने इस साल मान्यता स्थायीकरण या फिर विस्तारण के लिए अंतिम तारीख 30 जून तय की थी। 11 कॉलेज ऐसे थे जिन्होंने अस्थायी मान्यता समाप्त होने के बावजूद स्थायी सहयुक्तता नहीं ली। ऐसे में इन पाठ्यक्रमों में दाखिले पर रोक लगा दी गई है।

इन पाठ्यक्रमों में करीब 800 सीटें हैं। हालांकि द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्रों पर इसका कोई असर नहीं होगा। उनकी परीक्षा लविवि पहले की तरह कराएगा।

लविवि ने इन कॉलेजों के दाखिले पर रोक का पत्र भले ही 17 जुलाई को जारी किया है, लेकिन इसकी चेतावनी इन्हें बराबर दी जा रही थी। मान्यता स्थायीकरण के लिए इस साल पहला नोटिस 22 जनवरी को जारी किया गया गया था। दूसरा नोटिस 15 फरवरी, तीसरा 7 मार्च, चौथा 8 मई, पांचवां 20 मई और छठा तथा अंतिम नोटिस सात जून को जारी किया गया था। इसके बावजूद ये कॉलेज स्थायी मान्यता लेने में असफल रहे।

देखें- इन कॉलेजों के पाठ्यक्रमों पर लगाई रोक

https://spiderimg.amarujala.com/assets/images/epaper.amarujala.com/2019/07/18/img_5d30552615f37.jpg

दाखिले लिए तो खुद उत्तरदायी होंगे कॉलेज
जिन कॉलेजों ने निर्धारित अवधि में अपनी मान्यता विस्तारित नहीं कराई है उनके दाखिलों पर रोक लगा दी है। इन कॉलेजों को पहले ही नोटिस जारी किया गया था। अगर इन कॉलेजों ने दाखिले लिए तो इसके लिए वे स्वयं उत्तरदायी होंगे। लविवि उनकी परीक्षा नहीं कराएगा। - प्रो. एसपी सिंह,कुलपति, लविवि
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed