{"_id":"5f4d29318ebc3e4ae528f1bb","slug":"east-delhi1598892337","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईओडब्ल्यू ने राधा स्वामी सत्संग ब्यास प्रमुख को जारी किया नोटिस","category":{"title":"Local","title_hn":"लोकल","slug":"local"}}
ईओडब्ल्यू ने राधा स्वामी सत्संग ब्यास प्रमुख को जारी किया नोटिस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों को सोमवार को नोटिस जारी किया है। जिसमें उन्हें रैनबैक्सी लैबोरेट्रीज सेलऑफ मुद्दे से संबंधित करोड़ों के वित्तीय घोटाले में जांच में शामिल होने का निर्देश दिया है। रेलीगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड ने मामले में दर्ज कराई थी एफआईआर, जिसे बाद पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
मलविंदर मोहन सिंह ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर दावा किया है कि राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों और उनके परिवार पर 2016 तक 1473 करोड़ रुपये बकाया है। बता दें कि गुरिंदर सिंह ढिल्लन मलविंदर सिंह के चाचा हैं।
रैनबेक्सी के पूर्व प्रमोटर के मुताबिक, ढिल्लन परिवार ने आरएचसी होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड और टुडेज होल्डिंग से कुल 578 करोड़ का कर्ज लिया, जो उनके और उनके भाई शिविंदर सिंह द्वारा वित्त लेनदेन किया गया था। मलविंदर सिंह ने अपने हलफनामे में आरोप लगाया कि ढिल्लों ने अदालत को गुमराह करने का प्रयास किया था। कर्ज चुकाने के लिए, ढिल्लन परिवार ने बेस्ट ग्रुप में विभिन्न कंपनियों से 489 करोड़ लिए, जो उस समय गुरिंदर सिंह ढिल्लों और उनके सहयोगियों के स्वामित्व में थे।
विज्ञापन
हालांकि आरएसएसबी के प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लन और उनके परिवार का कहना है कि उन पर मलविंदर और शिवेंदर की कंपनी आरएचसी होल्डिंग्स का कोई बकाया नहीं है। ढिल्लन ने कहा था कि होल्डिंग का दावा झूठा है। कंपनी ने ढिल्लों पर रकम बकाया होने का दावा किया था। इसके बाद अदालत ने दोनों पक्षों को हलफनामा देकर दावे पेश करने के निर्देश दिए थे।
इस मामले में ईडी ने कहा था कि रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (आरईएल) के साथ धोखाधड़ी की गई। रेलिगेयर कंपनी में रहते हुए शिवेंद्र सिंह ने बैंकों से 2300 करोड़ रुपए का कर्ज लिया और उस पैसे को ग़लत तरीके से अपनी सहायक कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया और बैंक का कर्ज जानबूझकर नहीं चुकाया। इस मामले में शिवेंद्र समेत आरोपियों को ईओडब्ल्यू ने 10 अक्टूबर 2019 को गिरफ्तार किया था। शिवेंद्र के अलावा इस मामले में मलविंदर सिंह, सुनील गोधवानी, कवि अरोड़ा और अनिल सक्सेना को गिरफ्तार किया गया था।
यह है मामला
दिसंबर 2018 में आरईएल की सब्सिडियरी रेलिगेर फिनवेस्ट लिमिटेड (आरएफएल) ने दिल्ली पुलिस के आर्थिक अपराध शाखा में वित्तीय घोटाले का मामला दर्ज कराया था। कंपनी ने अपने प्रमोटर्स मलविंदर मोहन सिंह और शिविंदर मोहन सिंह के खिलाफ ही शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत में रेलिगेयर के पूर्व सीएमडी सुनील गोधवानी सहित कई दूसरे डायरेक्टर्स पर चीटिंग, फ्रॉड और फंड के गबन करने का आरोप लगाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन