{"_id":"5f4d01ae8ebc3eaad348c125","slug":"central-delhi1598882222","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानूनी दस्तावेज का ऑनलाइन पंजीकरण जल्द शुरू करे दिल्ली सरकार : हाईकोर्ट","category":{"title":"Local","title_hn":"लोकल","slug":"local"}}
कानूनी दस्तावेज का ऑनलाइन पंजीकरण जल्द शुरू करे दिल्ली सरकार : हाईकोर्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने कोरोना महामारी के मद्देनजर वसीयत जैसे कानूनी दस्तावेजों के ऑनलाइन पंजीकरण का काम यथाशीघ्र शुरू करने के लिए दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है।
विज्ञापन
पीठ ने कहा इस महामारी के दौरान लोगों को अधिकारियों के संपर्क में कम से कम लाया जाए।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने कहा कि कुछ राज्यों ने दस्तावेजों का ऑनलाइन पंजीकरण शुरू भी कर दिया है। पीठ ने कहा दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी मामलों की ई-फाइलिंग शुरू कर दी है जहां कोई वादी अपने कार्यालय या घर से ही याचिका दायर कर सकता है और अदालती शुल्क भी जमा करा सकता है।
पीठ ने कहा कि उम्मीद है कि दिल्ली सरकार भी ऐसा कर सकती है और दस्तावेजों का ऑनलाइन पंजीकरण शुरू होगा। पीठ ने कहा कि अदालत को यह नहीं लगता कि यह असंभव है।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के वकील ने पीठ को बताया कि ऐसी व्यवस्था पहले से ही मौजूद है। वकील ने हालांकि यह निर्देश लेने के लिए अदालत से समय मांगा कि दिल्ली सरकार की प्रणाली में क्या-क्या विशेषताएं हैं। इसके बाद पीठ ने मामले में अगली सुनवाई 23 सितंबर के लिए सूचीबद्ध कर दी।
यह याचिका वकील गौरव गंभीर की ओर से दायर की गई है, जिसमें दावा किया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी में उप-रजिस्ट्रार कोविड संक्रमण के जोखिम का हवाला देते हुए वसीयत और वरिष्ठ नागरिकों, बीमारी से जूझ रहे लोगों और गर्भवती महिलाओं के अन्य दस्तावेजों का पंजीकरण करने से इनकार कर रहे हैं। लिहाजा इस समस्या के समाधान के लिए दिल्ली सरकार को निर्देश दिए जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन