Telangana Tunnel Collapse Live : सुरंग में मलबा, रोशनी के अभाव में रेस्क्यू प्रभावित; श्रमिकों से संपर्क नहीं
Srisailam Tunnel Collapse Telangana Live Updates : एसएलबीसी परियोजना में सुरंग का हिस्सा ढहने के बाद पिछले लगभग 48 घंटे से फंसे आठ श्रमिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। बचाने के प्रयास जारी हैं। भारतीय सेना, नौसेना, एनडीआरएफ और अन्य सुरंग विशेषज्ञों के साथ मिलकर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, देर रात आई सूचना के मुताबिक मलबे के कारण और रोशनी के अभाव में रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित हो रहा है।
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रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे एक बचावकर्मी ने बताया कि पानी भरने के कारण सुरंग में भारी मशीनरी ले जाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि पानी खत्म होने पर ही कुछ भी किया जा सकेगा। अधिकारी मलबे को हटाने के लिए वैकल्पिक तरीकों पर काम कर रहे हैं। सिंचाई विभाग, आपदा प्रतिक्रिया दल और रक्षा कर्मी एकजुट होकर प्रयास कर रहे हैं। ऑक्सीजन को लगातार पंप किया जा रहा है और पानी निकालने के लिए मोटरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
#WATCH | Nagarkurnool, Telangana | SLBC tunnel collapse: An operator of the tunnel boring machine says, "...Our mission is left for around 200 meters. Dewatering is going on. It is very difficult right now. After dewatering, we will do the cutting..." pic.twitter.com/aObCqTNTzB
— ANI (@ANI) February 23, 2025
इस हादसे के संबंध में मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा, शनिवार की सुबह सुरंग में लगभग 70 लोग काम कर रहे थे। इसका एक हिस्सा ढहने पर अधिकांश लोग अपनी आंतरिक ट्रेन या लोकोमोटिव का उपयोग करके बच निकलने में सफल रहे। रेड्डी ने कहा, हम उम्मीद और प्रार्थना कर रहे हैं कि कल से लापता आठ लोग सुरक्षित हों। सुरंग के ढहे हुए हिस्से का अंतिम 200 मीटर हिस्सा पानी और गाद से भर गया है। रोशनी के अभाव में श्रमिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इस कारण बचाव दलों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी परेशानी हो रही है।
#WATCH | Nagarkurnool, Telangana | SLBC tunnel collapse: An operator of the tunnel boring machine says, "...It is a big collapse. The work is going on. The excavation team will also reach the spot. It will take 1-2 days more." pic.twitter.com/qZjC66M5Gy
— ANI (@ANI) February 23, 2025
सरकार ने वीडियो जारी कर दी जानकारी
कृष्ण राव ने बताया, हादसे के बाद कुछ लोग तैरकर सुरंग से निकलने में सफल रहे, लेकिन आठ लोग फंसे हुए हैं। सरकार की तरफ से जारी किए वीडियो में बचाव दल को मिट्टी की मोटी परत, उलझी हुई लोहे की छड़ों और सीमेंट के ब्लॉकों के बीच से निकलते देखा जा सकता है।
#WATCH | Nagarkurnool, Telangana | Latest visuals from Srisailam Left Bank Canal (SLBC) tunnel where rescue operation is underway
— ANI (@ANI) February 23, 2025
(Source: Irrigation and Civil Supply Minister Uttam Kumar Reddy’s Office) pic.twitter.com/Wm0M0PRy2Y
श्रीशैलम लेफ्ट बैंक नहर की सुरंग में जारी बचाव अभियान पर सिंगरेनी कोलियरीज के महाप्रबंधक श्रीनिवास रेड्डी ने कहा, "हमने कल और आज घटनास्थल का निरीक्षण किया। पानी 11 किलोमीटर तक भर गया है। अंदर फंसे श्रमिकों के सकुशल बाहर निकाले जाने की संभावना कम है। हालांकि, राहत और बचाव दल सुरंग के नीचे फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
#WATCH | Nagarkurnool, Telangana | On rescue operations for Srisailam Left Bank Canal collapse, Srinivas Reddy, General Manager of rescue Singareni Collieries, says, "We inspected the spot yesterday and today, and the water has filled up to 11 kilometres. There is less chance of… pic.twitter.com/IKgSJ3d8b0
— ANI (@ANI) February 23, 2025
भारतीय सेना के बाइसन डिवीजन के इंजीनियर टास्क फोर्स (ईटीएफ) को बचाव अभियान में सहायता के लिए तैनात किया गया है। उच्च क्षमता वाले पंपिंग सेट, बख्तरबंद नली, उत्खननकर्ता और बुलडोजर से लैस सेना की चिकित्सा टीमें और इंजीनियर मलबे को हटाने और ढह गई सुरंग से सुरक्षित निकासी की सुविधा के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।
श्रीशैलम लेफ्ट बैंक नहर परियोजना की सुरंग की छत का एक हिस्सा शनिवार को ढहने के बाद लगभग 14 किलोमीटर अंदर आठ लोगों के फंस जाने के बाद बचाव दल आगे बढ़ा और उस स्थान पर पहुंच गया, जहां घटना के दौरान सुरंग बोरिंग मशीन काम कर रही थी। नगरकुरनूल के जिला कलेक्टर बी संतोष ने रविवार को यह जानकारी दी। हालांकि, गाद के कारण उस स्थान तक पहुंचने में चुनौती बनी हुई है, जहां लोगों के फंसे होने की आशंका है।
बचाव अभियान की निगरानी कर रहे कलेक्टर ने कहा कि एनडीआरएफ की चार टीमें- एक हैदराबाद से और तीन विजयवाड़ा से, जिनमें 138 सदस्य शामिल हैं, सेना के 24 जवान, एसडीआरएफ के जवान, एससीसीएल के 23 सदस्य उपकरणों के साथ और इंफ्रा फर्म के सदस्य बचाव अभियान में लगे हुए हैं। सुरंग में ऑक्सीजन और बिजली की आपूर्ति उपलब्ध करा दी गई है। पानी और गाद निकालने का काम भी चल रहा है।
उन्होंने कहा कि अभी तक हमारा उनसे (फंसे हुए लोगों से) संपर्क नहीं हो पाया है। बचावकर्मी अंदर जाकर देखेंगे और फिर हम बता पाएंगे।
तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने सुरंग ढहने के बाद चल रहे बचाव अभियान के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए नागरकुरनूल के जिला कलेक्टर बी संतोष से फोन पर बात की। जिला कलेक्टर ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और सेना, विशेषज्ञों के साथ बचाव अभियान में सक्रिय रूप से शामिल हैं। इस दौरान राज्यपाल ने अधिकारियों को सुरंग में फंसे लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए अपने गहन प्रयास जारी रखने का निर्देश दिया।
मंत्री रेड्डी ने आगे कहा कि एसएलबीसी परियोजना को 35 साल पहले मंजूरी दी गई थी। लगभग 30 साल पहले सुरंग बनाने का काम शुरू हुआ था। उन्होंने बताया कि 44 किलोमीटर लंबी सुरंग में से लगभग 9 किलोमीटर की सुरंग बची है, जिस पर काम किया जाना बाकी है।
मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि कल से लापता आठ लोगों के सुरक्षित होने के लिए हम उम्मीद और प्रार्थना कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि उन्हें आज शाम तक खोजकर बचा लिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'हम लापता हुए आठ लोगों की जान बचाने की कोशिश कर रहे हैं।'
मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि मैं मैं हर मिनट निगरानी कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि जब सुरंग ढही, तब लगभग 70 लोग सुरंग में काम कर रहे थे। उनमें से अधिकांश बचकर अपनी आंतरिक ट्रेन या लोकोमोटिव से वापस आ गए, लेकिन कल से आठ लोग लापता हैं।