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शोध: शाम में व्यायाम करने से सुधरता है शुगर कंट्रोल और फैट मेटाबॉलिज्म
Sun, 30 May 2021 08:54 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sun, 30 May 2021 08:54 AM IST
सार
- शाम को व्यायाम करने वालों में 5 दिनों के बाद कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम दिखा
- उच्च वसायुक्त भोजन लेने वाले मोटे पुरुषों में शाम के व्यायाम वसीय खाद्य पदार्थों के बुरे प्रभाव कम हुए
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exercise
- फोटो : Pixabay
विस्तार
अक्सर सुबह के समय शारीरिक व्यायाम को तवज्जो दी जाती है। लेकिन एक शोध में पता लगा है कि शाम को कसरत के ऐसे फायदे होते हैं जो सुबह नहीं मिलते। शोधकर्ताओं ने पाया कि शाम को कसरत करने पर न सिर्फ ब्लड शुगर नियंत्रित रहा, बल्कि फैट मेटाबॉलिज्म (चयापचय) भी सुधर गया।
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उच्च वसायुक्त भोजन लेने वाले मोटे पुरुषों का अध्ययन, सुबह की कसरत में नहीं दिखे ये प्रभाव
डायबिटोलॉजिया में प्रकाशित एक नए शोध के मुताबिक, उच्च वसायुक्त भोजन लेने वाले मोटे पुरुषों में शाम के व्यायाम वसीय खाद्य पदार्थों के बुरे प्रभाव कम हुए, जबकि सुबह से नतीजे नहीं मिले। भोजन के साथ व्यायाम के समय में बदलाव से इसे जोड़ा गया है।
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वसायुक्त भोजन का कम खराब असर
सुबह कसरत करने वालों में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ा रहा और ब्लड शुगर में चिंताजनक आणविक एकरूपता (पैटर्न) दिखी। लेकिन शाम को व्यायाम करने वालों में वसा युक्त भोजन का कम खराब असर देखने को मिला। दिन ढले व्यायाम करने में 5 दिनों के बाद कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम दिखा। रक्त प्रवाह में आणविक पैटर्न भी सुधरे मिले। वर्कआउट के बाद रात को शुगर भी बेहतर स्तर पर मिला।
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ज्यादा प्रभावी कैसे शाम की कसरत
यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्वे में शोध का नेतृत्व करने वाली डॉक्टर ट्राइन मोहोल्ट का कहना है, शाम की कसरत ने वसीय खाने के दुष्प्रभाव को कम कर दिया या उलट दिया। हालांकि यह पता नहीं लगा कि शाम का व्यायाम स्वास्थ्य के लिए प्रभावी कैसे है। लेकिन मोहोल्ट का मानना है कि इसका आणविक घड़ियों और जीन व्यवहार पर सुबह के मुकाबले ज्यादा असर पड़ता है। हालांकि यह मतलब कतई नहीं है कि सुबह कि सुबह की कसरत अच्छी नहीं है।