फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

National Dengue Day: डेंगू का किन अंगों पर होता है सबसे ज्यादा असर? गंभीर स्थितियों में होती हैं ये दिक्कतें

Fri, 16 May 2025 07:36 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Fri, 16 May 2025 07:36 PM IST
सार

जून से लेकर सितंबर-अक्तूबर तक भारत में डेंगू के मामले सबसे ज्यादा रिपोर्ट किए जाते हैं। डॉक्टर्स कहते हैं, डेंगू की स्थिति शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचाने वाली हो सकती है, क्या आपको इसकी जानकारी है?

विज्ञापन
National Dengue Day 2025 Most Affected Body Parts From Dengue Know Organs Affected By Dengue
डेंगू का खतरा - फोटो : Freepik.com

National Dengue Day 2025: मानसून के दिनों में कई प्रकार की मच्छरजनित बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। डेंगू-मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के कारण अस्पतालों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ जाता है। आंकड़ों से पता चलता है कि हर साल अकेले डेंगू के कारण 30-40 करोड़ लोगों की सेहत पर प्रभावित होती है, वहीं हजारों लोगों की इससे मौत हो जाती है।



वेक्टर जनित इस रोग के बारे में लोगों के बारे में लोगों को जागरूक करने और डेंगू से बचाव को लेकर अलर्ट करने के उद्देश्य से 16 मई को नेशनल डेंगू डे मनाया जाता है।

भारतीय आबादी के लिए भी डेंगू एक बड़ा खतरा रहा है। जून से लेकर सितंबर-अक्तूबर तक भारत में डेंगू के मामले सबसे ज्यादा रिपोर्ट किए जाते हैं, कुछ स्थितियों में ये खतरनाक-रक्तस्रावी और जानलेवा भी हो सकता है।

डॉक्टर्स कहते हैं, डेंगू की स्थिति शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचाने वाली हो सकती है, क्या आपको इसकी जानकारी है?

National Dengue Day 2025 Most Affected Body Parts From Dengue Know Organs Affected By Dengue
डेंगू के मामले - फोटो : Freepik.com

पहले डेंगू के बारे में जान लीजिए

डेंगू एक वायरल संक्रमण है जो एडीज  मच्छर के काटने से फैलता है। डेंगू वायरस शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित करता है, जिससे जटिलताएं बढ़ सकती हैं।

डेंगू के कारण इंटरनल ब्लीडिंग (आंतरिक रक्तस्राव) के खतरे के बारे में आपने भी जरूर सुना-पढ़ा होगा। डॉक्टर बताते हैं, डेंगू के 60-70% मरीजों में प्लेटलेट्स 50,000/μL से कम देखी जाती है। गंभीर मामलों में प्लेटलेट्स 10,000/μL से भी नीचे जा सकती है। प्लेटलेट्स कम होने की स्थिति ही रक्तस्राव का कारण बनती है।

डेंगू का अगर समय पर इलाज न हो पाए तो इससे कई अंगों की समस्याएं बढ़ने लगती हैं।

National Dengue Day 2025 Most Affected Body Parts From Dengue Know Organs Affected By Dengue
किडनी-लिवर की समस्या - फोटो : Adobe stock

लिवर और किडनी पर असर

डेंगू की समस्या लिवर को प्रभावित करने लगती है, जिसमें हेपेटाइटिस जैसा लक्षण दिख सकता है। डेंगू की गंभीर स्थिति में लिवर कोशिकाएं सूज जाती हैं और इसकी कार्यक्षमता घट जाती है।

इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च 2018 की रिपोर्ट में पाया गया कि डेंगू के 75% मामलों में लिवर एंजाइम्स असामान्य हो जाते हैं, जिसके कारण कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। इसी तरह डेंगू के कारण पेशाब में कमी, यूरिया और क्रिएटिनिन स्तर में वृद्धि का भी कारण बन सकता है। कुछ लोगों में इसके कारण एक्यूट किडनी इंजरी का भी जोखिम रहता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
National Dengue Day 2025 Most Affected Body Parts From Dengue Know Organs Affected By Dengue
मस्तिष्क की समस्याएं - फोटो : Adobe stock photos

न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का जोखिम

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, डेंगू के गंभीर रोग पर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए या फिर समय पर इसका उपचार न हो पाए तो इससे कई प्रकार की न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का भी जोखिम हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, डेंगू के गंभीर रोग पर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए या फिर समय पर इसका उपचार न हो पाए तो इससे कई प्रकार की न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का भी जोखिम हो सकता है।  डेंगू वायरस की न्यूरोट्रॉपिक प्रकृति होती है जिसका मतलब है कि यह सीधे तंत्रिका कोशिकाओं को संक्रमित कर सकता है, जिससे उनमें क्षति और इंफ्लामेशन हो सकती है। इससे इंसेफेलाइटिस (मस्तिष्क ज्वर) जैसे रोगों का भी खतरा बढ़ जाता है। 

विज्ञापन
National Dengue Day 2025 Most Affected Body Parts From Dengue Know Organs Affected By Dengue
मच्छरों से होने वाली बीमारियां - फोटो : Freepik.com

डेंगू के इन जोखिमों को भी जानिए

डेंगू के समस्या का अगर समय पर इलाज न हो पाए तो इसके कारण पल्मोनरी एडिमा (फेफड़ों में तरल जमा होना) को जोखिम रहता है। जिसके कारण सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।

  • डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, डेंगू हेमोरेजिक फीवर में फेफड़ों में तरल भरने से ऑक्सीजन स्तर तेजी से गिर सकता है।
  • डेंगू की स्थिति ब्रेडीकार्डिया (दिल की गति धीमी होने) के खतरे को भी बढ़ा सकती है।
  • एम्स के एक अध्ययन में पाया गया है कि डेंगू मरीजों में 11-15% मामलों में हृदय से जुड़ी समस्याएं देखी जाती हैं।




------------
नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed