विशेषज्ञों की चेतावनी: हृदय रोगियों को ठंड के मौसम में विशेष सावधानी की जरूरत, बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा
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पिछले एक-दो साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि इस दौरान हृदय रोग, विशेषतौर पर हार्ट अटैक के मामले काफी अधिक देखे गए हैं। कई स्थितियां इस खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ठंड के मौसम के हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर को लेकर भी लोगों को अलर्ट किया है। डॉक्टर्स की टीम का कहना है कि ठंड का मौसम हृदय के लिए समस्याओं को बढ़ाने वाला हो सकता है। इस मौसम में बरती गई लापरवाही हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थितियों का कारण बन सकती है। जिन लोगों को पहले से ही हृदय रोगों की समस्या रही है उन्हें और भी सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।
हृदय रोग के बढ़ते खतरे को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी उम्र के लोगों से विशेष सावधानी बरतते रहने की अपील की है। हाल के दिनों में 30 से कम आयु वालों में इसका जोखिम देखा गया है। इस तरह के बढ़ते खतरे को लेकर डॉक्टर्स कहते हैं, ठंड के मौसम का हृदय की सेहत पर नकारात्मक असर हो सकता है, ऐसे में इस समय सभी लोगों को अधिक सतर्कता बरतते रहना जरूरी है।
हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारक
हृदय स्वास्थ्य पर मौसम और वातावरण का क्या प्रभाव होता है, इस बारे में किए गए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि तापमान, विटामिन डी, सीरम कोलेस्ट्रॉल स्तर, शारीरिक निष्क्रियता, हार्मोन, वायु प्रदूषण, संक्रमण, आयु, लिंग, आहार और मोटापा हृदय के लिए जटिलताओं का कारण बन सकती है। इन स्थितियों का हार्ट अटैक के साथ हृदय की सेहत पर कई तरह से नकारात्मक असर होने का खतरा रहता है।
ठंड के मौसम में यह जोखिम काफी बढ़ जाता है, इसलिए सभी लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी जाती है।
ठंड के मौसम में बढ़ सकती है दिक्कतें
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ विभव सिंह बताते हैं, ठंड के मौसम में हमारा शरीर स्वाभाविक रूप से तापमान को बैंलेस करते रहने की कोशिश करता है। जब बाहर का तापमान कम होने लगता है तो इसके हिसाब से शरीर को अपना तापमान सेट करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इसके कारण बीएमआर (बेसल मेटाबोलिक रेट) बढ़ जाता है। बेसल मेटाबोलिक रेट शरीर के मेटाबॉलिज्म को मापता है। इसके अलावा सर्दियों के दौरान वाहिकाओं में संकुचन की समस्या भी बढ़ जाती है जिससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने का खतरा हो सकता है।
हृदय रोगों के जोखिम कारकों के बारे में जानिए
डॉ विभव बताते हैं, वैसे तो हृदय रोगों का खतरा फिलहाल सभी लोगों के लिए बना हुआ है पर कुछ कारकों को चलते यह जोखिम बढ़ जाता है। जिन लोगों को पहले से ही हार्ट अटैक हो चुका है या फिर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल जैसे जोखिम रहे हैं उनमें इस मौसम में हार्ट अटैक होने का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे लोगों को हृदय की सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह दी जाती है।
सर्दियों के मौसम में भी नियमित योग-व्यायाम की आदत बनाएं। हृदय पर अतिरिक्त दबाव न पड़े, इस बात का पूरा ख्याल रखें।
कैसे रखें हृदय को स्वस्थ?
हृदय की सेहत को ठीक रखने के लिए लाइफस्टाइल को ठीक रखना बहुत आवश्यक है। स्वस्थ आहार और नियमित व्यायाम की आदत धमनियों को स्वस्थ रखने और हृदय को बेहतर तरीके से काम करते रहने में मदद करती हैं। सर्दियों में हाई कैलोरी वाले आहार का सेवन कम करें। अधिक ठंड से बचाव करते रहें, यदि आपकी पहले से ही हृदय की बीमारियों का दवा चल रही है तो इसमें कोताही न बरतें। थोड़ी सी सावधानी बरतकर हृदय को स्वस्थ रखा जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।