फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

पीठ का दर्द बन सकता है रोग की बड़ी वजह, ऐसे करें बचाव

Wed, 27 Mar 2019 10:15 AM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: पंखुड़ी सिंह Updated Wed, 27 Mar 2019 10:15 AM IST
विज्ञापन
causes of spinal cord back pain know treatment
रीढ़ की हड्डी यानि स्पाइनल कोर्ड हमारे शरीर का आधार होती है। अगर ये स्वस्थ है तभी आप भी स्वस्थ रह सकता हैं। लेकिन कई बार हम इसकी देखभाल करना भूल जाते हैं। यही कारण है कि हर वर्ग के लोगों को कमर और पीठ दर्द कि शिकायत होती है। आजकल ये आम बात हो गयी है। इसे स्वस्थ रखने के लिए न सिर्फ खानपान पर ध्यान देने की जरूरत है बल्कि सही पोस्चर में बैठने और योग, एक्सरसाइज करने की भी जरूरत है।जानिए किन बातों को ध्यान में रखकर आप इस परेशानी से बच सकते हैं। 




 
causes of spinal cord back pain know treatment
कब पड़ता है रीढ़ पर दबाव 
जब रीढ़ या स्पाइन सही अवस्था में नहीं रहती तो पीठ की मांसपेशियां, लिगमेंट्स और डिस्क पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। मजबूत मांसपेशियां रीढ़ को उचित सीध में रखती हैं और पीठ दर्द से बचाती हैं। रीढ़ के किसी भी हिस्से पर दबाव पडऩे से पीठ में दर्द हो सकता है। यह दर्द गर्दन से लेकर कमर के निचले हिस्से तक हो सकता है।
causes of spinal cord back pain know treatment
दर्द होने के कारण
रीढ़ कि हड्डी में दर्द होने के कई कारण हैं। खराब जीवनशैली, उठने-बैठने का गलत पोस्चर, उम्र बढ़ना और आनुवंशिक कारण। सिर्फ पीठ का दर्द ही नहीं बल्कि स्लिप डिस्क जैसी समस्याएं भी होती हैं।स्टडी के मुताबिक, ऑफिस में एक ही अवस्था में गलत पोस्चर में ज्यादा समय तक बैठने से पीठ, कमर या गर्दन के दर्द से जूझना पड़ सकता है। गलत कुर्सी, टाइपिंग की गलत टेक्नीक, मॉनिटर की पॉजीशन ठीक न होने, ठीक ढंग से खड़े न होने या बैठने से भी पीठ का दर्द हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
causes of spinal cord back pain know treatment
ऐसे करें बचाव
-रीढ़ और गर्दन को सीधा रखें। लगातार झुक कर काम करने से दर्द हो सकता है।
-की-बोर्ड या टाइपराइटर पर काम करते हों तो कलाइयां सीधी रखें। कलाइयां मुडने से नसों में रक्त-संचार धीमा हो सकता है और उस पर दबाव पडने लगता है। एलबो लगभग 60 डिग्री पर मोड़ कर रखें।
-कुर्सी की ऊंचाई इतनी रखें कि पैर फर्श पर आसानी से टिकें। घुटनों को 90 डिग्री तक मोड़ कर रखें।
विज्ञापन
causes of spinal cord back pain know treatment

-हर दो घंटे में 5-10 मिनट का ब्रेक लें। एक ही अवस्था में देर तक बैठने से पीठ, गर्दन व अंगुलियों पर अधिक दबाव पड़ता है।
-नियमित व्यायाम करें। दर्द के लिए फिजियोथेरेपी करा रहे हों तो डॉक्टर की हर सलाह मानें। पीठ दर्द में वॉकिंग सबसे अच्छी एक्सरसाइज है।
-छह-सात घंटे लगातार डेस्क जॉब के बीच कम से कम दो बार खड़े होकर बांहें फैलाएं और उन्हें आगे-पीछे करते रहें। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed