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सिपाही भर्ती: चयन के बाद भी सैकड़ों अभ्यर्थियों को क्यों नहीं मिल रही नौकरी?

Sat, 05 Sep 2015 10:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Sat, 05 Sep 2015 10:29 AM IST
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staff selection commision removes medical report of Candidates

कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की ओर से 2011 में अर्द्धसैनिक बलों में सिपाही पद पर चयन के बाद भी सैकड़ों अभ्यर्थियों को अभी तक नियुक्ति नहीं मिली है।

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दिल्ली हाईकोर्ट से इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति के पक्ष में घोषणा के बाद भी तैनाती नहीं दिए जाने के बाद बृहस्पतिवार को सैकड़ों की संख्या में चयनित अभ्यर्थियों ने एसएससी मध्य क्षेत्र कार्यालय का घेराव किया।
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अभ्यर्थियों का आरोप है कि मेडिकल कराए जाने के बाद आयोग ने इन अभ्यर्थियों का रिकार्ड गायब कर दिया है। एसएससी की ओर से 2011 में अर्द्धसैनिक बलों के लिए 49 हजार पदों की घोषणा की गई थी।

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नहीं है कोई रिकॉर्ड

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इसमें लगभग 42 हजार पदों पर चयन के बाद शेष पद खाली रह गए थे। इस कारण से उन्हें तैनाती नहीं मिल पा रही है। आयोग कार्यालय पहुंचे सैकड़ों अभ्यर्थियों ने अधिकारियों से मांग की कि उनकी नियुक्ति के लिए संबंधित अर्द्धसैनिक बल के विभाग को भेजा जाए।

आयोग के अधिकारियों का कहना है कि उनके पास 2011 की सिपाही भर्ती का अब कोई रिकार्ड नहीं है। अभ्यर्थी संबंधित अर्द्धसैनिक बल जहां मेडिकल करवाया था, वहां संपर्क करके नियुक्ति पा सकते हैं।

एसएससी मध्य क्षेत्र के निदेशक जेपी गर्ग का कहना है कि पुराने रिकार्ड रखना आयोग के बस की बात नहीं है।

अभ्यर्थियों ने दाखिल की याचिका

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कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की ओर से केंद्रीय सुरक्षा बलों बीएसएफ, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी में कांस्टेबल (जीडी) की भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने न्यायालय में याचिका दाखिल कर दी थी।

अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग की ओर से 2011 में कांस्टेबल जीडी के अभ्यर्थियों को कोर्ट के आदेश के बाद भी वरीयता कॉलम गलत भरने वाले अभ्यर्थियों को एक अवसर दिया है।

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