फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jobs ›   JNUTA: JNUTA will seek help from President on promotion irregularities,demanded to raise issue in Parliament

JNUTA: पदोन्नति की अनियमितताओं पर राष्ट्रपति से मदद मांगेगा JNUTA, अध्यक्ष ने की संसद में मुद्दा उठाने की मांग

Sun, 25 Aug 2024 04:12 PM IST
मेघा झा जॉब डेस्क, अमर उजाला
जॉब डेस्क, अमर उजाला Published by: मेघा झा Updated Sun, 25 Aug 2024 04:12 PM IST
सार

JNUTA: पदोन्नति की अनियमितता का मामला जेएनयूटीए ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सामने रखने की मांग की। पदोन्नति में देरी को लेकर शिक्षक संघ काफी समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 

विज्ञापन
JNUTA: JNUTA will seek help from President on promotion irregularities,demanded to raise issue in Parliament
जेएनयू, JNU - फोटो : JNU: @www.jnu.ac.in/main/

विस्तार

JNUTA: जवाहर नेहरू विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कंवल सिब्बल और अध्यक्ष द्रौपदी मुर्मू से जेएनयूटीए ने पदोन्नति जैसे मामले में मदद मांगी है। दरअसल जेएनयू के शिक्षक संघ लंबे समय से पदोन्नति के मुद्दे को लेकर विरोध कर रहा है। उन्होंने घोषणा की कि इस मुद्दे को जल्द से जल्द हल करने के लिए अब संसद में इस मामले को उठाने का आग्रह करने का इरादा रखता है। बता दें कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) कुलपति और अध्यक्ष मौसमी बसु जो विश्वविद्यालय के विजिटर भी हैं उनको आरोपों का एक बयान प्रस्तुत करने और उनसे संसद में इस मामले को उठाने का आग्रह करने का इरादा रखता है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि आरोपों के बयान में छह प्रमुख चिंताओं को रेखांकित किया जाएगा। साथ ही देरी के कारण पदोन्नति में बढ़ता हुआ बैकलॉग, बिना किसी स्पष्टीकरण के पदोन्नति को निलंबित करना, पदोन्नति के दौरान सेवा लाभ से इनकार करना, नियुक्तियों में अनियमितताएं, पदोन्नति में पक्षपात और पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी।
विज्ञापन


विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की कैरियर उन्नति योजना के तहत पदोन्नति और नियुक्तियां लंबे समय से जेएनयूटीए और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच विवाद का विषय रही हैं। शुक्रवार को जेएनयूटीए ने विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के कुछ सदस्यों के समक्ष अपनी शिकायतें प्रस्तुत कीं। "हालांकि जेएनयूटीए ने अध्यक्ष सहित कार्यकारी परिषद के सभी सदस्यों को सभा में उपस्थित होने और आरोपों का जवाब देने के लिए निमंत्रण दिया था। लेकिन केवल निर्वाचित शिक्षक प्रतिनिधियों ने ही इसे स्वीकार किया। क्योंकि (जेएनयू) प्रशासन ने इस तरह की प्रथा पर उच्च न्यायालय की गंभीर टिप्पणियों के बावजूद (कार्यकारी परिषद को जेएनयूटीए के हितों की रक्षा करने की) कभी अनुमति नहीं दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिक्षक निकाय ने कहा कि अब हम विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और विजिटर के समक्ष आरोपों का यह बयान प्रस्तुत करेंगे।" 12 अगस्त को जेएनयूटीए ने इस मुद्दे पर 24 घंटे की भूख हड़ताल की। इसने कहा कि भूख हड़ताल के बाद संकाय सभा का आयोजन किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

 रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed