UPSSSC Lekhpal Exam 2022: लेखपाल परीक्षा से पहले हजारों उम्मीदवारों ने जताई नाराजगी, जानिए आखिर क्या है अभ्यर्थियों की परेशानी
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने राजस्व लेखपाल भर्ती की मुख्य परीक्षा की डेट का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। आयोग द्वारा इस भर्ती के जरिए लंबे समय से राज्य में लेखपाल के रिक्त पड़े 8,085 पदों को भरा जाना है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश में राजस्व लेखपाल भर्ती की मुख्य परीक्षा का आयोजन 19 जून 2022 को किया जाना है। इस भर्ती का आयोजन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPSSSC) द्वारा किया जा रहा है। हालांकि इस भर्ती में शामिल हो रहे कई उम्मीदवारों ने मुख्य परीक्षा से ठीक पहले अपनी नाराजगी भी जताई है। अपनी नाराजगी दर्ज कराने के लिए अभ्यर्थियो ने सोशल मीडिया में अभियान भी चलाया। उम्मीदवारों की मांग है कि राजस्व लेखपाल के मेंस एग्जाम के लिए पीईटी-2021 के अंकों के आधार पर शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों का कटऑफ कम किया जाना चाहिए। हालांकि आयोग की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और ना ही परीक्षा कार्यक्रम में कोई बदलाव किया गया है। ऐसे में जो अभ्यर्थी शॉर्टलिस्ट हो चुके हैं उन्हें अपनी तैयारी और रिवीजन जारी रखनी चाहिए। इस परीक्षा से जुड़े किसी भी तरह के अपडेट के लिए अभ्यर्थियों को यूपीएसएसएससी की वेबसाइट पर विज़िट करते रहना चाहिए। वहीं, अगर आप लेखपाल की परीक्षा देने जा रहे हैं और इन बचे हुए दिनों में अपनी तैयारी को मजबूत बनाना चाहते हैं तो सफलता द्वारा चलाए जा रहे इस फ्री कोर्स UP Lekhpal FREE Online Classes: Join Now को सब्सक्राइब कर घर बैठे कंप्लीट तैयारी और पूरे सिलेबस का रिवीजन कर सकते हैं।
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ये है अभ्यर्थियों की परेशानी का कारण
यूपीएसएसएससी द्वारा राज्य में होने वाली 8,085 पदों की लेखपाल भर्ती में उम्मीदवारों का चयन पीईटी और भर्ती के लिए आयोजित की जाने वाली मुख्य परीक्षा के आधार पर किया जाना है। आयोग द्वारा केवल पीईटी में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को ही लेखपाल भर्ती की मुख्य परीक्षा में आवेदन करने की छूट दी गई थी लेकिन तब कटऑफ की कोई बाध्यता नहीं थी लेकिन हाल ही आयोग ने उम्मीदवारों को शॉटलिस्ट करते हुए श्रेणीवार कटऑफ लिस्ट जारी की है जिसे लेकर उम्मीदवार विरोध कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि कटऑफ काफी अधिक रखा गया है जिसे कम किया जाना चाहिए या फिर आयोग को आवेदन के समय ही इसकी जानकारी सार्वजनिक कर देनी चाहिए थी ताकि कटऑफ से कम अंक रखने वाले कैंडिडेट्स आवेदन न करते जिससे उनका समय और तैयारी में खर्च होने वाला पैसे दोनों की बचत हो सकती थी। हालांकि आयोग की ओर से अभी इस मांग को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है।