MPPSC: एमपीपीएससी के बाहर छात्रों की भीड़, किन मुद्दों को लेकर छात्र हुए एकजुट? समझें 87/13 का फॉर्मूला
Students Protest: राष्ट्रीय शिक्षित युवा संघ से जुड़े छात्र मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग कार्यालय के बाहर धरना दे रहे हैं। यह धरना 18 दिसंबर से चल रहा है। प्रदर्शनकारी सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में सुधार और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
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MPPSC: राष्ट्रीय शिक्षित युवा संघ से जुड़े छात्रों ने बुधवार को मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) कार्यालय के सामने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया और भर्ती प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सुधार की मांग की। एमपीपीएसी अभ्यर्थियों का प्रदर्शन तीसरे दिन भी यानी आज भी जारी है। 18 दिसंबर बुधवार को शुरू हुआ आंदोलन अब प्रदेश स्तर पर बढ़ने लगा है।
राष्ट्रीय शिक्षित युवा संघ (NEYU) के बैनर तले अभ्यर्थी बुधवार सुबह 10 बजे के आसपास भंवरकुआं के पास डीडी पार्क में एकत्र हुए। हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर वे एमपीपीएससी कार्यालय पहुंचे और मुख्य प्रवेश द्वार के सामने प्रदर्शन किया, जहां स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पहले से ही पुलिस बल तैनात था।
प्रतिभागियों ने विभिन्न मांगें उठाईं और एमपीपीएससी अध्यक्ष से बातचीत की मांग की। हालांकि, एमपीपीएससी के अधिकारी प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से मिलने नहीं आए। दिनभर प्रदर्शन जारी रहा।
आज यूनियन के सदस्य लोक सेवा आयोग को चूड़ी भेंट करेंगे। इसके लिए यूनियन के नेशनल कमेटी मेंबर और अनशन पर बैठे राधे जाट ने एक वीडियो जारी कर अपील की है। इसमें प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे प्रदेश के समस्त अभ्यर्थियों और स्टूडेंट्स को अपने साथ चूडियां लेकर आने के लिए कहा गया है।
अभ्यर्थियों की कुछ प्रमुख मांगों में पीएससी-2019 मुख्य परीक्षा के बाद से सभी परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं दिखाना, मार्कशीट जारी करना, पीएससी-2023 के परिणाम घोषित करना और 87/13 फॉर्मूले को खत्म करना शामिल है, जिसे एमपीपीएससी द्वारा ओबीसी कोटा मुद्दे की कानूनी उलझन के कारण अपनाया जा रहा है।
क्या है 87/13 का फॉर्मूला?
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा भर्ती प्रक्रिया में 87/13 का फॉर्मूला नियुक्ति के लिए अपनाया जाने वाला एक फॉर्मूला है। इसके तहत 87% पदों पर भर्ती सामान्य होगा। इनमें से 16% पद एससी, 20% पद एसटी, 14% पद ओबीसी, और बाकी 37% पद अनारक्षित वर्ग के लिए होंगे। शेष 13% पदों पर इतने ही अनारक्षित और इतने ही ओबीसी कैटेगरी के उम्मीदवार चुने जाएंगे।
क्या है छात्रों की मांग?
- 87/13 फार्मूला समाप्त होना चाहिए और परिणाम 100% पारदर्शिता के साथ जारी किए जाने चाहिए
- एमपीपीएससी 2025 हेतु राज्य सेवा में 700 तथा वन सेवा में 100 पदों के लिए अधिसूचना जारी की जाए
- 2019 मुख्य परीक्षा की कॉपियां दिखाई की जाएं, और मार्कशीट जारी की जाएं
- राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2023 के परिणाम घोषित किए जाएं। मुख्य परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन सीजीपीएससी के समान ही किया जाए
- यूपीएससी की तरह प्रारंभिक परीक्षा में कोई गलत प्रश्न नहीं पूछा जाना चाहिए। नेगेटिव मार्किंग शुरू की जानी चाहिए।
- साक्षात्कार के अंक कम किए जाने चाहिए। साक्षात्कार के दौरान, उम्मीदवारों के नाम, श्रेणी या उपनाम का खुलासा नहीं किया जाना चाहिए
- इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य एमपीपीएससी उम्मीदवारों को वांछित सुधार लाने के लिए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना भी है।