फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   Ranchi News ›   Passenger body remained on Gitanjali Express for 12.5 hours; Railways took action only after a complaint.

झारखंड: गीतांजलि एक्सप्रेस में साढ़े 12 घंटे तक पड़ा रहा यात्री का शव, शिकायत के बाद जागा रेलवे

Sun, 25 Oct 2026 02:06 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: शबाहत हुसैन Updated Sun, 25 Oct 2026 02:06 PM IST
सार

गीतांजलि एक्सप्रेस में कैंसर पीड़ित यात्री की मौत के बाद शव करीब साढ़े 12 घंटे तक कोच में पड़ा रहा। यात्रियों की शिकायत के बाद टाटानगर स्टेशन पर शव उतारा गया। ट्रेन में देरी, गंदगी और खानपान की अव्यवस्था से यात्री परेशान रहे।

 

विज्ञापन
Passenger body remained on Gitanjali Express for 12.5 hours; Railways took action only after a complaint.
गीतांजलि एक्सप्रेस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुंबई से हावड़ा जाने वाली गीतांजलि एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12859) में सफर कर रहे यात्रियों को उस समय भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जब एक बीमार यात्री की मौत के बाद उसका शव लगभग साढ़े बारह घंटे तक कोच में ही पड़ा रहा। शनिवार को अपने निर्धारित समय से करीब 12 घंटे की देरी से चल रही इस ट्रेन में रेलवे प्रशासन की लापरवाही और संवेदनशीलता की कमी उजागर हुई। पश्चिम बंगाल के भाटपारा निवासी 45 वर्षीय कैंसर पीड़ित यात्री बिनोद पासवान की चलती ट्रेन की बोगी नंबर एम-1 में शनिवार सुबह मौत हो गई थी। इसके बाद भी रेलवे ने शव को हटाने या यात्रियों की गुहार सुनने में कोई तत्परता नहीं दिखाई।

विज्ञापन


लापरवाही से यात्रियों की बढ़ी परेशानी
बोगी में सवार यात्रियों ने शनिवार सुबह लगभग 8:00 बजे टीटीई को यात्री की मौत की सूचना दी थी। उस समय यात्रियों को आश्वासन दिया गया कि चिकित्सक आकर मृत्यु की पुष्टि करेंगे, लेकिन इसके बाद लंबे समय तक किसी भी रेल कर्मचारी ने मामले की सुध नहीं ली। बोगी में शव पड़े रहने के कारण यात्रियों की स्थिति लगातार बिगड़ती गई। आखिरकार निराश होकर एक यात्री ने शाम 7:00 बजे रेल मंत्री और रेल मदद एप पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद जब रात 8:26 बजे ट्रेन टाटानगर स्टेशन पर पहुंची, तब परिजनों की मदद से शव को नीचे उतारा गया। शव उतरने के बाद ही ट्रेन हावड़ा के लिए आगे रवाना हो सकी।
विज्ञापन


डिब्बों में सफाई व्यवस्था बदहाल
इस यात्रा के दौरान ट्रेन न केवल 12 घंटे देरी से चल रही थी, बल्कि डिब्बों के अंदर सफाई की स्थिति भी बेहद खराब थी। कोचों में साफ-सफाई न होने से शौचालय अत्यधिक गंदे और बदतर हो चुके थे। ट्रेन में मौजूद बच्चों, बुजुर्गों और महिला यात्रियों को इस अव्यवस्था से भारी कष्ट झेलना पड़ा। रेलवे की ओर से खानपान या राहत का कोई इंतजाम न होने के कारण यात्री भूख और प्यास से परेशान रहे। ऐसे में यात्री ट्रेन के भीतर घूम रहे अनधिकृत वेंडरों से मनमाने दामों पर घटिया तथा दूषित खाद्य सामग्रियां खरीदने के लिए विवश नजर आए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed