{"_id":"61eace6b0428204af86d26d6","slug":"jharkhand-naxalite-maharaj-pramanik-surrenders-in-before-police","type":"story","status":"publish","title_hn":"झारखंड: 10 लाख रुपये के इनामी नक्सली महाराज प्रमाणिक ने पुलिस के सामने किया सरेंडर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झारखंड: 10 लाख रुपये के इनामी नक्सली महाराज प्रमाणिक ने पुलिस के सामने किया सरेंडर
Fri, 21 Jan 2022 08:46 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 21 Jan 2022 08:46 PM IST
सार
14 जून 2019 को महाराज प्रमाणिक के नेतृत्व में माओवादियों ने सरायकेला के कुकुरूहाट में पुलिस बलों पर हमला कर पांच पुलिसकर्मियों को मार डाला था।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
विस्तार
10 लाख रुपये के इनामी और झारखंड पुलिस का वांटेड नक्सली महाराज प्रमाणिक ने शुक्रवार को पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। उसने आईजी ऑपरेशन एवी होमकर और रांची के जोनल आईजी पंकज कंबोज के सामने एके-47 के साथ आत्मसमर्पण किया। महाराज प्रमाणिक सीपीआई (माओ) के केंद्रीय कमिटी सदस्य अनल उर्फ रमेश दा की टीम का सक्रिय सदस्य था। संगठन में उसे जोनल कमांडर का दर्जा दिया गया था। इस पर झारखंड के विभिन्न थानो में 120 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इसके हमले में कई पुलिस के जवान शहीद हुए थे।
विज्ञापन
एवी होमकर ने कहा कि महाराज प्रमाणिक का हथियार डालना पुलिस के लिए लिए बड़ी सफलता है। अब नक्सलियों का संगठन से मोहभंग हो रहा है। महाराज प्रामाणिक ने भी माना है कि नक्सली संगठनों के पास कोई सिद्धांत या विचारधारा नहीं है। उनका एकमात्र लक्ष्य लेवी वसूली है।
विज्ञापन
महाराज प्रमाणिक ने उसने सरायकेला के कुकुरूहाट, लांजी समेत कई घटनाओं को अंजाम दिया था। 14 जून 2019 को महाराज प्रमाणिक के नेतृत्व में माओवादियों ने सरायकेला के कुकुरूहाट में पुलिस बलों पर हमला कर पांच पुलिसकर्मियों को मार डाला था। मार्च 2021 में लांजी में आईईडी धमाके में भी तीन पुलिसकर्मियों को मारने का आरोप प्रमाणिक के दस्ते पर लगा था। प्रमाणिक की तलाश राज्य पुलिस के साथ साथ एनआई को भी थी।
विज्ञापन