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झारखंड : पारा शिक्षकों के मुद्दे पर हंगामा, विधानसभा की बैठक दो बार स्थगित
Wed, 26 Dec 2018 02:29 PM IST
Shani Mishra
भाषा,रांची
भाषा,रांची
Published by: Shani Mishra
Updated Wed, 26 Dec 2018 02:29 PM IST
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झारखंड
- फोटो : social media
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झारखंड में पारा शिक्षकों के मुद्दे पर कार्यस्थगन की मांग के साथ मुख्य विपक्षी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस एवं झारखंड विकास मोर्चा के विधायकों के हंगामे के चलते बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही भोजनावकाश के पहले दो बार स्थगित की गई।
झारखंड विधानसभा की कार्यवाही प्रारंभ होने पर सदन में विपक्ष के नेता झारखंड मुक्ति मोर्चा के हेमंत सोरेन ने पारा शिक्षकों का मुद्दा उठाया और अपनी पार्टी की ओर से लाये गये कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग की। कांग्रेस के आलमगीर आलम और झारखंड विकास मोर्चा के प्रदीप यादव ने भी अपने अपने कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की मांग की।
सत्ता पक्ष के मुख्य सचेतक राधाकृष्ण किशोर ने भाजपा की ओर से इस मुद्दे पर दिये गये ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर विशेष चर्चा कराये जाने की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने विपक्ष के कार्यस्थगन प्रस्तावों को अमान्य कर दिया। तब विपक्षी विधायक अध्यक्ष के आसन के सामने आ कर नारेबाजी करने लगे।
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सत्ता पक्ष की ओर से विधायक विरंची नारायण एवं अनंत ओझा ने झामुमो का विरोध करते हुए कहा कि किसी भी पार्टी को सदन में व्यवधान डालने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से कार्यवाही चलने देने का अनुरोध किया ताकि विधायक अपने इलाकों की समस्याएं सदन में रख सकें और उनका समाधान किया जा सके।
जब अध्यक्ष ने पारा शिक्षकों के मुद्दे पर सत्ता पक्ष के विधायकों की ओर से पेश ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर सदन में विशेष चर्चा कराने की घोषणा की तो विपक्ष अपने कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की जिद पर अड़ गया। एक बार फिर हंगामा होने लगा। हंगामे के बीच ही विधानसभा अध्यक्ष ने आवश्यक विधायी कार्य संपन्न कराए और बैठक दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
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झारखंड विधानसभा की कार्यवाही प्रारंभ होने पर सदन में विपक्ष के नेता झारखंड मुक्ति मोर्चा के हेमंत सोरेन ने पारा शिक्षकों का मुद्दा उठाया और अपनी पार्टी की ओर से लाये गये कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग की। कांग्रेस के आलमगीर आलम और झारखंड विकास मोर्चा के प्रदीप यादव ने भी अपने अपने कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की मांग की।
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सत्ता पक्ष के मुख्य सचेतक राधाकृष्ण किशोर ने भाजपा की ओर से इस मुद्दे पर दिये गये ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर विशेष चर्चा कराये जाने की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने विपक्ष के कार्यस्थगन प्रस्तावों को अमान्य कर दिया। तब विपक्षी विधायक अध्यक्ष के आसन के सामने आ कर नारेबाजी करने लगे।
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झामुमो विधायकों ने की नारेबाजी
हंगामे के कारण उरांव ने करीब साढ़े ग्यारह बजे सदन की बैठक एक घंटे के लिए स्थगित कर दी। दोपहर साढ़़े बारह बजे बैठक शुरू होने पर सदन में फिर इसी मुद्दे पर हंगामा होने लगा। झामुमो विधायक अध्यक्ष के आसन के सामने आ कर नारेबाजी करने लगे।सत्ता पक्ष की ओर से विधायक विरंची नारायण एवं अनंत ओझा ने झामुमो का विरोध करते हुए कहा कि किसी भी पार्टी को सदन में व्यवधान डालने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से कार्यवाही चलने देने का अनुरोध किया ताकि विधायक अपने इलाकों की समस्याएं सदन में रख सकें और उनका समाधान किया जा सके।
जब अध्यक्ष ने पारा शिक्षकों के मुद्दे पर सत्ता पक्ष के विधायकों की ओर से पेश ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर सदन में विशेष चर्चा कराने की घोषणा की तो विपक्ष अपने कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की जिद पर अड़ गया। एक बार फिर हंगामा होने लगा। हंगामे के बीच ही विधानसभा अध्यक्ष ने आवश्यक विधायी कार्य संपन्न कराए और बैठक दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।