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भाजपा विधायकों के हंगामे के बाद झारखंड विधानसभा की कार्यवाही स्थगित
Mon, 02 Mar 2020 03:38 PM IST
अनवर अंसारी
पीटीआई, रांची
पीटीआई, रांची
Published by: अनवर अंसारी
Updated Mon, 02 Mar 2020 03:38 PM IST
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झारखंड विधानसभा
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झारखंड विधानसभा की कार्यवाही सोमवार को बजट सत्र के दूसरे दिन भाजपा विधायकों के हंगामे के कारण दो बार स्थगित करनी पड़ी। भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी को विपक्ष का नेता बनाए जाने पर विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय में हो रही देरी के खिलाफ पार्टी विधायकों के जबरदस्त विरोध प्रदर्शन के चलते सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।
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सदन में हंगामे के बीच कार्यवाही सिर्फ 15 मिनट ही चल सकी। इस दौरान सत्ता पक्ष ने जहां वर्तमान वित्तीय वर्ष की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट सदन में पेश की और तृतीय अनुपूरक बजट मांगों पर चर्चा प्रारंभ कराई।
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बजट सत्र के दूसरे दिन आज पूर्वान्ह्र ग्यारह बजे जैसे ही कार्यवाही प्रारंभ हुई तो मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के सभी विधायक अध्यक्ष के आसन के सामने आ गए और अपने विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी को विपक्ष का नेता घोषित करने की मांग करने लगे।
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भाजपा विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्रनाथ महतो पर पक्षपात का आरोप लगाया और कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के दबाव में वह बाबूलाल मरांडी को विपक्ष का नेता नहीं घोषित कर रहे हैं। भाजपा ने इस मामले में न्याय शीघ्र किए जाने की मांग की।
भाजपा विधायकों को विधानसभाध्यक्ष महतो ने समझाने की कोशिश की और कहा कि उनके साथ न्याय होगा लेकिन न्याय की प्रक्रिया है जिसमें कुछ समय लगेगा जिसकी सभी को प्रतीक्षा करनी होगी।
इस पर भाजपा के विधायक नारेबाजी करने लगे जिसके चलते सदन की कार्यवाही महतो ने अपराह्र साढ़े बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी। बाद में साढ़े बारह बजे एक बार फिर सदन की कार्यवाही प्रारंभ होने पर भाजपा विधायकों ने अपना विरोध जारी रखा और बाबूलाल मरांडी को विपक्ष का नेता घोषित किए जाने की मांग की।
उनकी नारेबाजी के बीच ही विधानसभाध्यक्ष महतो वित्त मंत्री डा. रामेश्वर उरांव को वित्तीय वर्ष 2019-20 का आर्थिक सर्वेक्षण सदन के पटल पर रखने को कहा। हंगामे के बीच ही उन्होंने सदन के पटल पर यह रिपोर्ट रखी और सदन से ध्वनिमत से इसके वितरण पर सहमति ले ली गई।