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धनबाद जज हत्याकांड: हाईकोर्ट की सीबीआई को नसीहत, आरोपियों को बचाने की कोशिश न करे एजेंसी
Fri, 21 Jan 2022 08:47 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 21 Jan 2022 08:47 PM IST
सार
न्यायाधीश उत्तम आनंद की मौत के मामले में शुक्रवार को सीबीआई ने नई थ्योरी प्रस्तुत की जिसे हाईकोर्ट ने खारिज करते हुए ब्यूरो को गंभीरता से जांच करने की नसीहत दी।
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Jharkhand High Court
- फोटो : Social Media
विस्तार
धनबाद के न्यायाधीश उत्तम आनंद की मौत के मामले में शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो की दलील को खारिज करते हुए कहा कि एजेंसी को आरोपियों को बचाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। दरअसल, शुक्रवार को इस मामले में सीबीआई की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने हाईकोर्ट को बताया कि धक्का मारने से पहले ऑटो चालकों को पता था कि वह व्यक्ति एक न्यायाधीश है।
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उन्होंने बताया कि नार्को टेस्ट में भी ऑटो चालकों ने स्वीकार किया है कि वह न्यायाधीश को पहचानते थे। इस पर अदालत ने कहा कि सीबीआई को मामले की सही तरीके से जांच करनी चाहिए और आरोपियों को बचाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अदालत ने कहा कि सीबीआई की जांच अलग कहानी बता रही है जबकि सबूत दूसरी ओर इशारा कर रहे हैं। मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी।
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बता दें कि इस मामले में पूर्व की सुनवाई में भी हाईकोर्ट ने सीबीआई की जांच पर असंतोष जताया था। बता दें कि अतिरिक्त जिला न्यायाधीष उत्तम आनंद की मौत 28 जनवरी को हुई थी। वह सुबह लगभग पांच बजे टहलने के लिए निकले थे जब एक ऑटो ने उन्हें टक्कर मार दी थी। न्यायाधीश की मौके पर ही मौत हो गई थी। सीबीआई का अनुमान है कि न्यायाधीश की मौत मोबाइल लूटने की कोशिश में हुई थी।
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