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MNREGA SCAM: खूंटी और चतरा में करोड़ों के घोटाले की ईडी ने जांच की शुरू, इन मामलों की राज्य सरकार करवा चुकी थी जांच
Thu, 10 Feb 2022 12:51 PM IST
रोमा रागिनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: रोमा रागिनी
Updated Thu, 10 Feb 2022 12:51 PM IST
सार
झारखंड के खूंटी और चतरा में मनरेगा में करोड़ों के घोटाले में ईडी ने जांच शुरू कर दी है। इन मामलों में पहले IAS पूजा सिंघल को राज्य सरकार की जांच में क्लीनचिट दी गई थी लेकिन अब उनकी मुश्किलें बढ़ सकती है।
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झारखंड में मनरेगा घोटाले की ईडी कर रही जांच
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय ने खूंटी में 18.8 करोड़ के मनरेगा घोटाले मामले के साथ ही चतरा में मनरेगा में लगभग 6 करोड़ रुपये की गड़बड़ी का जांच शुरू की है। इसके साथ ईडी पलामू के कठौतिया माइंस के लिए गलत तरीके से वन भूमि आवंटन की जांच कर रही है। ईडी ने यह जानकारी झारखंड हाईकोर्ट को दी है।
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दोनों गड़बड़ियों के समय IAS पूजा सिंघल संबंधित जिलों की डीसी थीं। अब ईडी इन मामलों की नए सिरे से जांच कर रहा है। अब ईडी ने हाईकोर्ट में शपथपत्र देकर बताया कि योजनाओं में कमीशन की राशि ली गई थी और दस प्रतिशत राशि अधिकारियों की दी जाती थी।
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आरोपी इंजीनियर ने कहा था-वो सभी को राशि देता था
चतरा में 2007-2008 में मनरेगा की राशि में गड़बड़ी का मामला सामने आया था। मनरेगा की राशि से 6 करोड़ रुपए दो एनजीओ को दिए गए थे। उस समय तत्कालीन विधायक विनोद कुमार ने विधानसभा में साल 2012 में यह मामला उठाया था। दूसरी ओर पलामू जिले के कठौतिया माइंस में माइनिंग के लिए एक निजी कंपनी को 83 एकड़ जमीन दी गई थी। आरोप है कि कंपनी को गलत तरीके से वनभूमि आवंटन की गई। दोनों समय पूजा सिंघल डीसी थीं। वहीं ED की पूछताछ में एक आरोपी इंजीनियर राम विनोद सिन्हा ने बताया था कि वह कमीशन की राशि सभी को देता था।
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पूजा सिंघल को पहले मिली थी क्लीन चिट
बता दें कि इनसभी मामलों की जांच राज्य सरकार ने कराई थी। इन मामलों में डीसी पूजा सिंघल को क्लीनचिट दे दी गई थी लेकिन झारखंड हाईकोर्ट में एक आम नागरिक अरुण कुमार दुबे ने एक जनहित याचिका दायर मनरेगा घोटाले की जांच पर ही सवाल उठाया है। इसी याचिका की सुनवाई पर ईडी ने जांच शुरू की है