विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
कुंडली से जानिए अपना भूत एवं भविष्यकाल,आज ही बनाएं फ्री जन्मकुंडली
Free Kundali

कुंडली से जानिए अपना भूत एवं भविष्यकाल,आज ही बनाएं फ्री जन्मकुंडली

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Digital Edition

पलामू में पत्रकार की मौत मामले में धड़पकड़ जारी, पांच की हुई गिरफ्तारी

झारखंड के पलामू जिला के विश्रामपुर गांव में पत्रकार रामेश्वर केशरी हत्याकांड में पुलिस ने पांच लोगें के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश के तहत मामला दर्ज किया है। पलामू के एसपी इंद्रजीत महतो ने बताया कि फ्रीलांस पत्रकार और ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्यकर्मी के तौर पर काम करने वाले रामेश्वर की हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए एक टीम का गठन किया था। पुलिस ने मृतक की पत्नी की शिकायत पर इन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। 

पत्रकार की पत्नी संगीता देवी ने शिकायत में कहा है कि उसके पति का पिछले 6 सालों से साथ काम करने वाली ममता देवी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के बीच चल रहे प्रेम प्रसंग के कारण कई बार उन दोनों के बीच कई बार लड़ाई भी हुई थी। लेकिन पंचायत के बीच बचाव के बाद सुलह कराई गई पर फिर भी वह दोनों नहीं माने। महिला ने बताया कि उसका पति उस पर और उसके तीनों बच्चों पर बिल्कुल ध्यान नहीं देता था। उसने कहा कि उसके पति की हत्या ममता देवी, उसके पति, पिता, मां और एक अन्य व्यक्ति महेंद्र प्रजापति ने मिलकर की है। उसने कहा कि हत्या को छुपाने के लिए उसके पति को फंदे से लटकाया गया था।

बता दें पलामू के विश्रामपुर में पत्रकार रामेश्र्वर केशरी की बुधवार को संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी। उन्हें विश्रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रशिक्षण केंद्र में फंदे से झूलते हुए पाया गया। रामेश्वर पत्रकारिता के साथ साथ स्वास्थ्य विभाग में ट्रेनिंग देने का काम भी करते थे। जिस कमरे में वह ट्रेनिंग कार्यक्रम चलाते थे उसी कमरे में उनका शव पाया गया। 
... और पढ़ें

लड़के की चाह में तीसरी बार गर्भपात कराने से इनकार करनेवाली महिला की मौत

बेटे की चाह में लोग इस कदर तर तक गिर जाते हैं कि वह पेट में पल रही मासूम की जान लेने से भी पीछे नहीं हटते। ऐसा ही एक मामला झारखंड के बरही से सामने आया है। यहां रूपा मिश्रा नाम की एक महिला पर उसके ससुराल वालों ने बहुत जुल्म ढाए। उन्होंने लड़के की चाह में दो बार उसका लिंग परीक्षण कराया और फिर गर्भपात करवा दिया। लिंग परीक्षण के खिलाफ कड़े कानून बनने के बाद भी ऐसी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।

इसके बाद तीसरी बार रूपा के पेट में पल रहे बच्चे का लिंग परीक्षण कराया गया। इस गैरकानूनी परीक्षण के बाद जब ये मालूम पड़ा कि उसके गर्भ में इस बार भी एक लड़की है तो उसे गर्भपात के लिए कहा गया। लेकिन इस बार उसने ऐसा करने से इंकार कर दिया। रूमा की नामंजूरी ससुराल वालों को नागवार गुजरी और उन्होंने गला दबाकर उसकी हत्या करने की कोशिश की। ब्रेन हेमरेज होने की वजह से वह बीते एक वर्ष से कोमा में थी। सोमवार को उसका बरही अनुमंडलीय अस्पताल में निधन हो गया। 

रूपा का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने उसके ससुराल जमशेदपुर के गोविंदपुर भेज दिया। इसके बाद परिजनों ने मंगलवार को बरही थाने में आवेदन कर उसके पति रंजन मिश्रा, सास कुसुम रानी मिश्रा और ननद सोनी कुमारी को मौत का जिम्मेदार ठहराया। तीनों पर आरोप लगाया गया कि इन्होंने बार-बार मृतका का लिंग परीक्षण कर गर्भपात करवाया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। 

परिजनों का कहना है कि ससुराल वाले रूपा के पति की दूसरी शादी करवाना चाहते थे इसलिए उन्होंने रूपा की हत्या करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि ससुरालवालों ने कई बार उसे मारने की योजना बनाई थी। वह पिछले एक साल से कोमा में थी लेकिन उसके पति और उसके परिवार वालों ने कभी उसका हाल-चाल नहीं पूछा।

उन्होंने बताया कि रूपा की एक 7 साल की बेटी भी है लेकिन उसे कभी उसकी बेटी से मिलने तक नहीं दिया गया। उसकी बेटी कहां है इसकी भी कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। 
... और पढ़ें

गैंगरेप के बाद नाबालिग को परिवार के सामने जिंदा जलाया, पुलिस बोली- अब तक 14 गिरफ्तार

झारखंड में एक नाबालिग के साथ दरिंदगी ही नहीं इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली वारदात को अंजाम दिया गया है। आरोप है कि उसके साथ गैंगरेप किया गया और फिर उसे जिंदा जला दिया गया। झारखंड पुलिस आईजी का कहना है कि वारदात के 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आईजी आशीष बत्रा ने कहा कि पीड़िता को जलाकर मार दिया गया और पंचायत ने आरोपियों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और 100 उठक-बैठक करा कर छोड़ दिया। 

पीड़ित परिवार ने बताया कि इस मामले में पंचायत ने अजीबो-गरीब फरमान जारी किया। पंचायत ने पीड़ित परिवार को कहा कि मामले को रफा-दफा करने के लिए आरोपी से 100 उठक-बैठक करने का फैसला किया। साथ ही पीड़ित परिवार को 50 हजार रुपये बतौर मुआवजा दिलवाने का वायदा भी किया। 

आरोपियों की दबंगई ने सारी हदें उस वक्त पार कर दी थी जब उन्होंने पीड़ित परिवार की भी पिटाई की जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मामला झारखंड के चतरा जिले के ईटखोरी थाना क्षेत्र के राजा तेंदुआ गांव का है। 

बता दें कि गांव के सम्मत रविदास की नाबालिग बेटी रानी अपने चाचा की शादी में शामिल हुई थी। इसी दौरान चार दरिंदे बच्ची को जबरन उठाकर ले गए जहां आरोपियों ने नाबालिग के साथ-बारी बारी से रेप किया। घटना के बाद पीड़िता ने परिजनों को आपबीती सुनाई। इसके बाद गांव में पंचायात बुलाई गई। 

इंसाफ के नाम पर आरोपियों को सजा सुनाने के पंचायत के इस अजीबोगरीब फैसले ने पीड़ित पक्ष के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी। आरोपी पक्ष आगबबूला हो गए और गुस्से में पीड़िता के घर पहुंच गए। जहां उन्होंने बच्ची को जिंदा जला दिया। इस दौरान जब परिजनों ने बचाने की कोशिश की तो उनकी जमकर पिटाई की गई। जिससे उनको गंभीर चोटें आई हैं। 

पीड़ित परिवार का कहना है कि गांव के धनू भुइयां ने अपने साथियों के साथ मिलकर बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद यह बात आग की तरह फैल गई जिसके बाद गांव में पंचायत बुलाई गई। 
... और पढ़ें

प्यार में धोखा मिलने के बाद गर्भवती प्रेमिका ने युवक को चलती वैन में जलाया

झारखंड की राजधानी रांची में एक प्रेमिका ने प्यार में धोखा मिलने के बाद अपने प्रेमी को जिंदा जला दिया है। पीड़ित युवक की उम्र 24 साल है। वह गंभीर हालत में रिम्स अस्पताल में भर्ती है। घटना शनिवार की बताई जा रही है। महिला ने रातू पुलिस स्टेशन से 20 किमी की दूरी पर युवक की गाड़ी में ही उसे जिंदा जला दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पीड़ित युवक का चेहरा और हाथ बुरी तरह से झुलस गए हैं। 

पेट्रोल छिड़ककर जलाया

रिपोर्ट के अनुसार 24 साल के इस युवक का संबंध एक 26 साल की महिला से था। जब महिला गर्भवती हुई तो उसने उसे अपनाने से इनकार कर दिया। जिसके बाद आरोपी महिला ने गाड़ी में पेट्रोल छिड़ककर अपने प्रेमी को जिंदा जला दिया। हालांकि गाड़ी में उस वक्त महिला खुद भी मौजूद थी लेकिन वह सही सलाहमत बाहर निकल गई। 

इस मामले पर रातू पुलिस स्टेशन के थाना इंचार्ज मनोज कुमार का कहना है कि दोनों प्रेमी-प्रेमिका ठाकुर गांव के रहने वाले हैं। घटना के पीछे की असल वजह अभी पता नहीं चल पाई है। महिला भी अभी फरार है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि उसने प्यार में धोखा मिलने के बाद ही ये कदम उठाया है। 

कागज में लिखकर दी जानकारी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आरोपी महिला अपने प्रेमी की गाड़ी में बैठकर उसके साथ ठाकुरगांव से रातू जा रही थी। उसने एक कागज में लिखकर गर्भवती होने की सूचना अपने प्रेमी को दी, लेकिन उसने कागज पढ़ते ही उसे अपनाने से इनकार कर दिया।

आग फैलने के बाद आरोपी गाड़ी का दरवाजा खोलकर फरार हो गई। स्थानीय लोग पीड़ित को आग से बचाकर पास के नर्सिंग होम लेकर गए। जिसके बाद पुलिस ने उसे रिम्स में भर्ती करवाया। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि महिला के पकड़े जाने के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी।


... और पढ़ें
प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

झारखंड: सामूहिक दुष्कर्म के कुछ घंटों बाद पीड़ित लड़की की मौत, पांच लोग गिरफ्तार

झारखंड के धनबाद जिले में एक टीनेज लड़की के साथ कथित तौर पर पांच लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया है। पीड़ित लड़की की घटना के कुछ ही घंटों बाद मौत हो गई। पुलिस ने इस बात की जानकारी शनिवार को दी है।

पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन पांच लोगों में दो नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस अधिकारी ने कहा कि यहां जमारता जिले के एक गांव में शादी की पार्टी थी। शादी में आए मेहमान अपने रिश्तेदारों से मिलने गांव में ही दूसरी जगह गए थे। पीड़ित लड़की भी उसी स्थान पर पड़ोस में रहती थी। 

इन्हीं लोगों में ये पांच आरोपी भी शामिल थे। ये सभी शराब के नशे में थे। शुक्रवार को रात के 9 से 10 बजे के बीच में ये लोग लड़की को एक रेतीली जगह ले गए। और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़ित लड़की के पिता का कहना है कि उनकी बेटी लड़खड़ाते हुए घर पहुंची। घर पहुंचने के बाद उसने पूरी घटना के बारे में बताया और फिर बेहोश हो गई।

इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पीड़ित लड़की का शव पोस्टमार्टम के लिए पाटलीपुत्र मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल भेज दिया गया है।

पुलिस अधिकारी ने कहा, "हमें संदेह है कि इस अपराध में पांच से ज्यादा लोग शामिल थे। हम सभी गिरफ्तार लोगों को धनबाद स्थित जिला मुख्यालय ले जाकर पूछताछ करेंगे।"

पूर्वी टुंडी ब्लॉक डेवलेपमेंट अधिकारी सुरेश कुमार सिन्हा ने पीड़ित लड़की के पिता से बात की है। उन्होंने परिवार को आश्वासन दिया है कि वह राज्य सरकार के नियमों के मुताबिक सभी तरह की सहायता प्रदान करेंगे।

... और पढ़ें

पत्नी ने ब्वॉयफ्रेंड के साथ मिलकर की पति की हत्या, शव को फ्रिज सहित फेंका

छत्तीसगढ़ के जमशेदपुर में पुलिस ने शनिवार को एक महिला और उसके ब्वयफ्रेंड सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर कथित तौर पर तपन दास नामक व्यक्ति की हत्या करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि तपन की मौत की वजह उसकी पत्नी स्वेता दास का किसी अन्य के साथ अफेयर है। जिस कारण दोनों की लड़ाई होती थी।

तपन का शव गुरुवार की रात बाराबंकी से बरामद किया गया। 12 जनवरी को उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। 

जमशेदपुर के एसएसपी ने बताया, "दो दिनों में पुलिस ने केस की गुत्थी को सुलझा लिया और तपन की पत्नी स्वेता, उसके ब्वॉयफ्रेंड सुमित सिंह और एक साथी सोनू लाल को गिरफ्तार किया गया। इन्होंने तपन की हत्या और उसका शव ठिकाने लगाने की बात कबूल ली है। पूछताछ के दौरान उन्होंने खुलासा किया है कि उन्होंने मृतक का शव फ्रिज में रखा था और बाद में बाराबंकी में फ्रिज के साथ 13 जनवरी को फेंक दिया।"

तपन हत्या वाले दिन शराब पीकर घर आया था और उसकी स्वेता से लड़ाई हुई, इसके बाद ही उसकी हत्या कर दी गई। स्वेता ने इसके बाद अपने ब्वायफ्रेंड को फोन करके बुलाया और वारदात को अंजाम दिया। जंगली इलाके में फ्रिज को फेंक दिया गया। स्वेता की शराब को लेकर तपन से लड़ाई होती थी। दोनों की आठ साल की बेटी भी है।

स्वेता की तीन महीने पहले सुमित से फेसबुक पर दोस्ती हुई थी। सुमित और सोनू सीसीटीवी में जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस आरोपियों के कॉल रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
... और पढ़ें

झारखण्ड : भट्टे मालिक को लड़की बेचने के आरोप पर बोले दंपती- बेची नहीं देखभाल के लिए छोड़ा

झारखंड के एक गरीब दंपती ने इस बात से इंकार किया है कि उन्होंने पश्चिम बंगाल के एक ईंट-भट्टा मालिक को कथित तौर पर अपनी दो नाबालिग बेटियां बेची हैं । उन्होंने कहा कि उन्होंने व्यापारी के पास अपनी बेटियां देखभाल करने के लिए छोड़ीं हैं ताकि उनका परिवार बच्चियों का खयाल रख सके।

सोमवार को मीडिया में कुछ खबरें आई थी कि जिले के जगन्नाथपुर उप संभाग के तोरनघाटू गांव के एक आदिवासी दंपती ने तीन वर्ष पहले अपनी दो नाबालिग बेटियां 1,500-1,500 रूपए में हावड़ा के एक ईंट-भट्टा व्यापारी को बेच दीं। पश्चिम बंगाल के सिंहभूम जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

जगन्नाथपुर के उप संभागीय पुलिस अधिकारी प्रभात रंजन बारवार ने बताया कि पुलिस के एक दल ने गांव में सोमवार को उस दंपती से मुलाकात की। लड़कियों का पता लगाने के लिए मंगलवार को एक दल हावड़ा जाएगा।

बारवार ने कहा कि हावड़ा के ईंट-भट्टे में काम करने वाले इस दंपती ने पुलिस को बताया कि पहले तो उन्होंने एक बेटी को मालिक के पास रखा था ताकि उसकी उचित देखभाल हो सके। गांव लौटने के बाद उन्होंने अपनी दूसरी बेटी को भी वहां भेजने का निर्णय किया।

जगन्नाथपुर की उप संभागीय अधिकारी स्मृता कुमारी ने सोमवार को बताया कि संबद्ध विकास खंड अधिकारी और पुलिस को घटना की जांच कर जल्द रिपोर्ट जमा करने को कहा गया है। 
... और पढ़ें

बलात्कार का वीडियो वायरल होने के बाद पीड़िता ने खटखटाया पुलिस का दरवाजा, दो आरोपी गिरफ्तार

प्रतीकात्मक तस्वीर
झारखंड के पलामू जिले से नाबालिग से बलात्कार का एक महीने पुराना मामला सामने आया है। मामला सामने आने पर झारखंड पुलिस ने नाबालिग से बलात्कार के आरोप में  पलामू से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। बलात्कार का मामला तब खुला जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस ने 22 अगस्त को केस दर्ज कर लिया है। 

पलामू के पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत महाता ने बताया कि  बच्ची के साथ चलती हुई गाड़ी में दो लोगों ने बलात्कार किया था। मामला पोक्सो और आईटी की धाराओं के अंतर्गत दर्ज किया गया हमने आरोपियों को पकड़ लिया है। 

लड़की 10वीं की छात्रा है उसने लासलीगंज पुलिस स्टेशन में अपनी शिकायत में कहा कि जब वह दसवीं की पूरक परीक्षा का फॉर्म भर कर लौट रही थी कि तभी शमशाद अंसारी ने उसे जबरदस्ती स्कॉरपियो में खींच लिया और उसके साथ बलात्कार किया।  लड़की ने बताया कि जब मैंने इसका विरोध किया तो शमशाद के साथ दानिश अंसारी ने उसे धमकाया कि वह उसे मार देगा। फिर दोनों उसके साथ गलत काम करने के दौरान उसका वीडियो भी बनाते रहे और कहा कि जो कह रहा हूं वह करो नहीं तो तुम्हें और तुम्हारे परिवार वालों को मार दूंगा। 

लड़की ने पुलिस को बताया कि वह अपनी और परिवार की इज्जत के लिए अब तक चुप थी लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस के पास आने के अलावा कोई चारा नहीं बचा था। 
... और पढ़ें

मॉब लिंचिंग मामला: फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 12 लोगों को सुनाई 4 साल की सजा

झारखंड के सरायकेला मॉब लिंचिंग मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 12 लोगों को चार साल कैद की सजा सुनाई है। इन्होंने एक पुलिस टीम पर हमला किया था जब वह चार लोगों को उग्र भीड़ से बचाने की कोशिश कर रही थी। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश आशीष सक्सेना ने सोमवार को इन 12 आरोपियों को सजा सुनाई है।

सरकारी अधिकारियों पर ड्यूटी के वक्त हथियारों से हमला करने और शांति बाधित करने के आरोप में प्रत्येक आरोपी पर 2,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं सबूतों की कमी के कारण तीन आरोपियों को बरी कर दिया गया। राज्य सरकार ने आरोपियों पर जल्द कार्रवाई के लिए मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट को सौंप दिया था।

गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी उस भीड़ का हिस्सा थे जो चार लोगों को बच्चा चोर समझकर उनके साथ मारपीट कर रहे थे। यह घटना 18 मई 2017 को हुई थी। भीड़ ने पुलिस के वाहनों में भी आग लगा दी थी।

यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के केंद्र को मॉब लिंचिंग के खिलाफ कानून तैयार करने के लिए कहने के एक दिन पहले आया है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच ने केंद्र से कहा, 'कोई भी नागरिक कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता है और न ही स्वयं कानून बना सकता है। यह राज्यों का कर्तव्य है कि वह कानून और व्यवस्था को सुनिश्चित करें। ताकि धर्मनिरपेक्षता की रक्षा हो और भीड़ तंत्र को रोका जा सके।'
... और पढ़ें

हजारीबाग में बुराड़ी जैसी घटना, कर्ज के चलते एक ही परिवार के 6 लोगों ने की आत्महत्या

झारखंड के हजारीबाग में दिल्ली के बुराड़ी जैसी घटना सामने आयी है। यहां एक ही परिवार के 6 लोगों ने आत्महत्या कर ली है। घटना ने इलाके के लोगों को हिला कर रख दिया है। जानकारी के मुताबिक परिवार कर्ज से परेशान था। परिवार में कुल 6 सदस्य थे इनमें 2 लोगों ने फांसी के फंदे पर लटक कर जान दे दी, 1 बच्चे की धारदार हथियार से हत्या कर दी जबकि 1 बच्ची को जहर देकर मारा गया। एक महिला को गला दबाकर मार दिया गया तो एक ने छत से कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। फिलहाल पुलिस मामले में जांच कर रही है। 

पुलिस ने दो सुसाइड नोट बरामद किए हैं। जिन पर लिखा है कि अमन को लटका नहीं सकते थे, इसलिए उसकी हत्या कर दी गयी। नीचे लिखा है कि बीमारी प्लस दुकान बंद प्लस दुकानदारों का बकाया न देना, प्लस बदनामी, प्लस कर्ज , जिसके बाद तनाव और फिर मौत। यह मामला हजारीबाग के खजांची तालाब के निकट सीडीएम अपार्टमेंट का है। जांच में यह मामला आत्महत्या का माना जा रहा है। लेकिन पुलिस हत्या की आशंका से भी इंकार नहीं कर रही है। 
 



बता दें कि दिल्ली में बुराड़ी के संत नगर में एक ही परिवार के 11 लोगों के शव संदिग्ध हालत में मिले थे। इनमें कई लोगों के हाथ पैर तो कुछ लोगों के आंखों पर पट्टी बंधी हुई थी। जानकारी के मुताबिक पूरा परिवार बहुत धार्मिक था, इनमें कभी तकरार सुनने को नहीं मिली। एक पड़ोसी महिला के अनुसार परिवार का मुखिया ललित पिछले 5 साल से मौन धारण किया हुआ था। हालांकि इसका कारण नहीं पता चल पाया है।

परिवार मूलतः राजस्थान से ताल्लुक रखता था। वह इस इलाके में पिछले 22-23 सालों से रहे रहे थे। परिवार के लोगों की दूध और प्लाईवुड की दुकान थी। साथ में एक किराने की एक दुकान भी थी। पुलिस ने बताया कि 11 लोगो के परिवार में दो भाई और उनकी पत्नियां थीं। दो लड़के करीब 16 से 17 साल के थे। मृतकों में एक बुजुर्ग मां और बहनें शामिल हैं।

मृतकों में एक बुजुर्ग महिला, उनके 2 बेटे ललित और भूपी, उनकी पत्नियां, 5 बच्चे, 1 बुजुर्ग महिला की बेटी शामिल हैं। इनमें 10 शव जाल के फंदे में लटके मिले जबकि एक बुजुर्ग महिला का शव फर्स्ट फ्लोर पर मिला। पुलिस जांच में घर से 11 डायरियां मिली हैं, जिसमें मोक्ष प्राप्त करने की विधि के बारे में लिखा हुआ है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया कि सभी की मौत गले में फांसी का फंदा लगने से हुई थी। दिल्ली पुलिस इस घटना को तंत्र-मंत्र से जोड़कर भी तफ्तीश कर रही है।
... और पढ़ें

झारखंड: गांव वालों ने की नक्सली की पीट-पीटकर हत्या, एक को बनाया बंधक

झारखंड के लातेहार जिले में गांव वालों ने नक्सली गुट के एक संदिग्ध सदस्य की पीट-पीटकर हत्या कर दी। वहीं एक अन्य नक्सली को बंदी बना लिया। उन पर हमला करने के दौरन दो गांव वाले भी घायल हो गए। बताया जा रहा है कि घटना जिले के बरियातु गांव में गुरुवार रात को हुई। यह इलाका मनिका पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है।

पुलिस के मुताबिक सशस्त्र विद्रोहियों के एक समूह ने दो भाईयों को पकड़ लिया था। उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर गांव वाले वहां आ गए और नक्सलियों के समूह पर हमला कर दिया। इसके बाद वह गिरोह के दो सदस्यों रणजीत दास और दारोगा ओराण को पकड़ने में कामयाब रहे जबकि उनके अन्य साथी वहां से भाग चुके थे।

जानकारी के मुताबिक दोनों को पकड़ने के बाद लोगों ने उनकी डंडों से पिटाई की। इसी बीच रणजीत की मौके पर ही मौत हो गई। वह मातलोंग गांव का रहने वाला था। वहीं एक अन्य व्यक्ति दारोगा काफी घायल हो गया। वह पलामू जिले का रहने वाला है। गांव वालों का कहना है कि 5 लोग हथियारों के साथ गांव के निवासी जितेंद्र सिंह के घर का दरवाजा खटखटा रहे थे।
... और पढ़ें

झारखंड: धर्मांतरण मामले में दक्षिण भारतीय संस्था की भूमिका की जांच करेगी पुलिस

झारखंड के दुमका जिले में धर्मांतरण प्रचार मामले में पुलिस अब दक्षिण भारत स्थित संस्था की जांच करेगी। इस मामले में पुलिस ने शनिवार को 16 ईसाई प्रचारकों को गिरफ्तार किया था। जिसमें 7 महिलाएं भी शामिल हैं। इन सभी ने पूछताछ में बताया है कि ये सभी दक्षिण भारत स्थित एक संस्था से जुड़े हुए हैं। इन सभी को धर्मांतरण के विरुद्ध अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि यह अधिनियम राज्य में बीते वर्ष ही लागू किया गया है। इसके तहत कोई भी जबरन, प्रचार या फिर कोई लालच देकर किसी अन्य का धर्म परिवर्तन नहीं करवा सकता है।

मामले पर दुमका के एसपी कौशल किशोर का कहना है कि जांच के दौरान कुछ आरोपियों ने बताया है कि वह दक्षिण भारत स्थित एक संस्था से जुड़े हुए थे। पुलिस तब तक उस संस्था का नाम उजागर नहीं कर सकती जब तक जांच में पूरी तरह यह सत्यापित नहीं हो जाता कि वह संस्था इसके लिए जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि 16 में से 5 आरोपियों का कहना है कि इस काम के लिए वह प्रमुख खिलाड़ी हैं। यानि वह ईसाई धर्म के प्रचार के लिए मुख्य लोग हैं और बाकि लोग उन्हीं के साथ आए थे। एसपी ने बताया कि इन सभी को रिमांड पर भेजा जाएगा।

सभी 16 प्रचारकों को गांव वालों को प्रलोभन देने के आरोप में न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। यह आरोपी गांव वालों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए कह रहे थे। इन्हें धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2017 और भारतीय दंड संहिता की धारा 295-ए (धर्म या धार्मिक मान्यताओं का अपमान करना) के तहत गिरफ्तार किया गया है। इस अधिनियम के तहत तीन साल की सजा और 50 हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। वहीं अगर पीड़ित कोई नाबालिग, महिला, बुजुर्ग या फिर कोई आदिवासी जाति या जनजाति का है तो चार साल की सजा और एक लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।

यह शिकायत फूल पाहिरी गांव के प्रधान रमेश मुर्मू ने शिकारीपुरा पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाई है। यह सभी प्रचारक गुरुवार की शाम पश्चिम बंगाल से यहां बस से पहुंचे थे। मुर्मू ने अपनी शिकायत में कहा है कि यह लोग लाउड स्पीकर लगाकर गांव में लोगों को इकट्ठा कर रहे थे और फिर ईसाई धर्म के बारे में बताकर गांव वालों से इस धर्म से जुड़ने को कह रहे थे। पुलिस का कहना है कि 16 में से 10 प्रचारक पश्चिम बंगाल से यहां आए हैं इसलिए वह भी जांच की जाएगी।

मामले से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस गांव में कुल 68 घर हैं और 323 लोग रहते हैं। उन्होंने बताया जब यह लोग आदिवासियों के पूजा स्थलों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे थे तो गांव वाले इन पर गुस्सा भी हुए और इन्हें ये काम बंद करने के लिए कहा। उन्होंने आगे बताया कि इसके बाद गांव वालों ने पूरी रात इन सबको नजरबंद करके रखा और अगली सुबह पुलिस के हवाले कर दिया। इस दौरान किसी के भी साथ कोई शारीरिक हिंसा नहीं हुई। कौशल ने बताया कि गांव वालों का कहना है कि ये लोग पहले भी गांव में आ चुके हैं और तब भी इन्होंने ऐसे ही ईसाई धर्म का प्रचार किया था।
... और पढ़ें
Election
  • Downloads

Follow Us

विज्ञापन