लालची पति-पत्नी ने तीन लड़कियों को बेचा
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झारखंड के रांची शहर से पिछले साल 3 लड़कियों की तस्करी कर उन्हें राज्य से बाहर भेज दिया गया था। सोमवार की रात इन तीनों लड़कियों को बचा लिया गया और वापस परिवार के पास भेज दिया गया।
आरोपी संतोष और उसकी पत्नी ने तीनों लड़कियों को अच्छा काम दिलाने का लालच देकर उन्हें दिल्ली की एक प्लेसमेंट एजेंसी को बेच दिया था।
इन सभी लड़कियों को जून 2013 में दिल्ली लाया गया था लेकिन उनके माता पिता उनसे कोई संपर्क नहीं कर पा रहे थे। 6 महीने बाद जब लड़कियों के माता-पिता संतोष और उसकी पत्नी रेखा के पास पहुंचे तो बजाय मदद करने के वे उन्हें धमकाने लगे।
माता पिता ने लिखाई एफआईआर
टीओआई में छपी खबर के मुताबिक मानिका पुलिस स्टेशन के पुलिस अधिकारी ने बताया कि संतोष और रेखा से लड़ाई होने के बाद परिवार के लोगों ने पुलिस से संपर्क किया और मामले की एफआईआर लिखवाई।
पुलिस में इस मामले की शिकायत जनवरी 2014 को पहुंची जिसके बाद पुलिस ने छानबीन की और आरोपी दंपत्ति को मई 2014 में गिरफ्तार किया।
संतोष और रेखा के गिरफ्तार होने के बाद दोनों ने स्वीकार कर लिया कि उन्होंने लड़कियों की तस्करी कर उन्हें एक प्लेसमेंट एजेंसी को बेच दिया था। पुलिस छानबीन के दौरान पुलिस ने दिल्ली की उस प्लेसमेंट एजेंसी का पता लगाया और वहां छापेमारी की।
काम करने के नहीं मिलते थे पैसे
प्लेसमेंट एजेंसी के छापेमारी में यह बात सामने आई कि तीन में से दो लड़कियों को कोटा भेज दिया गया है। जबकि तीसरी लड़की को दिल्ली के ही एक घर में काम कराया जा रहा है।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक तस्करी की गई लड़कियों को काम करने के बदले 4500 रुपए दिए जाते थे।
जिनमें से 2500 रुपए संतोष और उसकी पत्नी को दे दिए जाते थे और बाकी 2000 रुपए प्लेसमेंट एजेंसी के पास पहुंचते थे। काम करने वाली लड़कियों या उनके परिवार को एक भी पैसा नहीं दिया जाता था।