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प्राइवेट स्कूलों के लिए फीस न लेने के निर्देश जारी

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 02 Apr 2020 04:42 PM IST
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private schools cant force parents to deposit fees
जम्मू। कोरोना वायरस के चलते सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। जिसके बाद कुछ प्राइवेट स्कूलों द्वारा अभिभावकों को मैसेज के माध्यम से फीस जमा करवाने का दवाब बनाया जा रहा है। स्कूल एजूकेशन विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी डॉ असगर हासन समून ने नोटिस जारी कर केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के सभी प्राइवेट स्कूल चाहे वह सीबीएसई के हो या आईसीएसई या जेकेबोसी के उन्हें सूचित किया है कि वह किसी भी अभिभावक पर फीस लेने के लिए दवाब नहीं डाले गए। उनका कहना है कि ऐसे करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी के साथ सभी प्राइवेट स्कूलों में फीस बढ़ाने की तिथि को बढ़ाकर 30 अप्रैल 2020 कर दिया गया है। इसके लिए कोई भी स्कूल लेट फीस किसी भी अभिभावक से नहीं लेगा। साथ ही किसी भी स्कूल द्वारा ऑनलाइन लेक्चरर्स और असाइनमेंट्स के पैसे नहीं लेगा। इस पर मैनेजमैंट बॉडी द्वारा पूरा ध्यान रखा जाएगा चाहे वह कोई भी स्कूल हो सीबीएसई या जेकेबोसी। साथ ही होम असाइनमेंट के आधार पर विद्यार्थियों को रिजल्ट भी दिया जाए। यह फैसले कोरोना वायरस के चलते चल रहे हालातों को देखते हुए लिया गया है। इन हालातों में किसी भी अभिभावक के लिए प्राइवेट स्कूलों द्वारा निर्धारित की गई तिथि पर फीस जमा करवाना संभव नहीं है। इसलिए इस तिथि को बढ़ाकर आगे कर दिया गया है। ताकि किसी को परेशानी भी न हो और न ही किसी अभिभावक से लेट फीस वसूली जाए। नोटिस के जरिए यह सूचित किया गया है कि स्कूल प्रशासन द्वारा अभिभावकों पर स्कूल शिक्षकों द्वारा दवाब डाला जा रहा है कि जो दिन निर्धारित किया गया है उसी दिन विद्यार्थियों की असाइनमेंट जमा करवाई जाए जो पूरी तरह से गलत है। साथ ही डॉ असगर ने कुछ प्राइवेट स्कूलों की सरहाना भी की है जिन्होंने विद्यार्थियों का पढाई में नुकसान कम करने के लिए ऑनाइन क्लासीज शुरू कर दी हैं और शिक्षकों द्वारा लगातार वहां पर विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है।
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