{"_id":"5cf7f71abdec2207226ebf49","slug":"neet-result-2019-jammu-kashmir-toppers-list","type":"story","status":"publish","title_hn":"NEET Result 2019: नीट के परिणाम में जम्मू-कश्मीर की वाफिका ने हासिल किए 664 नंबर","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
NEET Result 2019: नीट के परिणाम में जम्मू-कश्मीर की वाफिका ने हासिल किए 664 नंबर
Wed, 05 Jun 2019 10:38 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Wed, 05 Jun 2019 10:38 PM IST
विज्ञापन
नीट 2019
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नीट 2019 के घोषित परिणाम में जम्मू-कश्मीर की वाफिका ने 664 नंबर लाकर राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं गरिमा चौधरी ने 627, अभय चलोत्रा ने 624 और आबिद हुसैन ने 619 नंबर हासिल किए हैं।
इसी तरह शिवानी शर्मा, समीक्षा शर्मा, अबरार अहमद, अनिरुद्ध व अन्य ने अच्छे नंबर हासिल किए हैं। जम्मू-कश्मीर के 15 से अधिक छात्रों ने 600 से अधिक नंबर हासिल किए हैं। राज्य के लावन्या गुप्ता, आर्य खजूरिया और साहिल अहमद ने भी परीक्षा उत्तीर्ण की है।
सोशल साइट से बनाई दूरी
"मैं हमेशा से डाक्टर बनना चाहता था। नीट परीक्षा के लिए मैं दिन में 6-8 घंटे पढ़ता था। इस दौरान सोशल साइट से दूरी बनाकर रखी। मेरी बहन भी एमबीबीएस कर रही है। उससे प्रभावित होकर डाक्टर बनने के लिए कड़ी मेहनत की। अपनी सफलता का श्रेय मैं शिक्षकों और माता-पिता को देना चाहता हूं।"-अभय चलोत्रा
विज्ञापन
नौ से दस घंटे करती थी पढ़ाई
"मेरे पापा वेटेरनरी डॉक्टर हैं, जिनसे प्रभावित होकर मैंने भी डॉक्टर बनने का सपना देखा। मैं दिन में नौ से दस घंटे तक पढ़ाई करती थी। सोशल साइटों से दूरी बनाकर रखती थी। अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को देेना चाहती हूं।"-गरिमा चौधरी
विज्ञापन
इसी तरह शिवानी शर्मा, समीक्षा शर्मा, अबरार अहमद, अनिरुद्ध व अन्य ने अच्छे नंबर हासिल किए हैं। जम्मू-कश्मीर के 15 से अधिक छात्रों ने 600 से अधिक नंबर हासिल किए हैं। राज्य के लावन्या गुप्ता, आर्य खजूरिया और साहिल अहमद ने भी परीक्षा उत्तीर्ण की है।
विज्ञापन
सोशल साइट से बनाई दूरी
"मैं हमेशा से डाक्टर बनना चाहता था। नीट परीक्षा के लिए मैं दिन में 6-8 घंटे पढ़ता था। इस दौरान सोशल साइट से दूरी बनाकर रखी। मेरी बहन भी एमबीबीएस कर रही है। उससे प्रभावित होकर डाक्टर बनने के लिए कड़ी मेहनत की। अपनी सफलता का श्रेय मैं शिक्षकों और माता-पिता को देना चाहता हूं।"-अभय चलोत्रा
विज्ञापन
नौ से दस घंटे करती थी पढ़ाई
"मेरे पापा वेटेरनरी डॉक्टर हैं, जिनसे प्रभावित होकर मैंने भी डॉक्टर बनने का सपना देखा। मैं दिन में नौ से दस घंटे तक पढ़ाई करती थी। सोशल साइटों से दूरी बनाकर रखती थी। अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को देेना चाहती हूं।"-गरिमा चौधरी