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J&K: केंद्र के फंड से सुधरेगी सेंट्रल यूनिवर्सिटी की सूरत, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का होगा काम

Thu, 17 Jan 2019 12:44 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Pranjal Dixit Updated Thu, 17 Jan 2019 12:44 PM IST
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Jammu Kashmir Central Universities gets funding from Central government for development
JAMMU CENTRAL UNIVERSITY - फोटो : File Photo
केंद्र ने बुधवार को देश के 13 केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए 3639 करोड़ की मंजूरी दी है। इस पैसे से जम्मू-कश्मीर में स्थित दोनों केंद्रीय विश्वविद्यालयों सेंट्रल यूनिवर्सिटी, जम्मू (सीयूजे) और सेंट्रल यूनिवर्सिटी, कश्मीर (सीयूके) के हालात भी सुधरने के आसार हैं। कैंपस कंप्लीट करने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप किया जाएगा। इसके लिए 36 महीने की मियाद रखी गई है। 
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सेंट्रल यूनिवर्सिटी, जम्मू का प्रशासनिक कार्य सांबा जिले के राया सूचानी से चल रहा है। इसका अस्थायी कैंपस सैनिक  कालोनी में है। 2011 से शुरू हुई इस यूनिवर्सिटी का पूरा कैंपस अभी शिफ्ट नहीं किया जा सका है। इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम अभी बाकी है। सीयूजे के वीसी डा. अशोक एमा ने कहा कि किसी नई सेंट्रल यूनिवर्सिटी का कोई प्रपोजल नहीं। फंड इन्हीं यूनिवर्सिटी के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में लगेगा। 
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सेंट्रल यूनिवर्सिटी, जम्मू का एकेडमिक सेशन 2011-12 में तीन पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स इंगलिश, इकोनामिक्स और अप्लाइड मैथ्स के साथ सिद्धरा बाईपास रोड स्थित अस्थायी  एकेडमिक ब्लाक से शुरू हुआ था।
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बाद के सालों में कंप्यूटर साइंस, एजुकेशनल स्टडीज, एनवायरनमेंटसाइंसेज, ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट और ट्रेवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट के पीजी कोर्स भी यहां शुरू किए गए।  तीसरा सेशन शुरू होते-होते यूनिवर्सिटी सैनिक कालोनी स्थित अस्थायी परिसर में आ गई। करीब चार साल पहले यहां चार नए पीजी कोर्स शुरू हुए। इनमें नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज, पब्लिक पालिसी एंड पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, सोशल वर्क और मास कम्युनिकेशन एंड न्यू मीडिया शामिल थे। 


यहां इंटीग्रेटेड एमफिल, पीएचडी भी पढ़ाया जा रहा है। वहीं, सेंट्रल यूनिवर्सिटी आफ कश्मीर ने करीब दस साल पहले हैदरपोरा में काम करना शुरू किया था। पहले वीसी प्रो. अब्दुल वहीद कुरैशी थे। इसका ट्रांजिट कैंपस सोनवर में अगस्त, 2010 में शुरू हुआ। आठ साल पहले यहां इकोनामिक्स, मैथ्स, कंवर्जेट जर्नलिम्म और इंटिग्रेटेड बीए एलएलबी शुरू हुआ था। जिसके बाद उर्दू, एजुकेशन, और टूरिज्म मैनेजमेंट शुरू हुए। इसी साल इंटिग्रेटेड एमफिल और पीएचडी भी शुरू हुई। 2014 से यहां बीएड चल रहा है। 
 
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