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अष्टमी एवं नवमी के दिन करें कन्या पूजन, पुरे दिन पुजा के लिए शुभ

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Mon, 30 Mar 2020 03:29 PM IST
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chaitra navratra worship of child girl on ashtami and navami
NA - फोटो : AMAR UJALA
चैत्र नवरात्रि की अष्टमी एक अप्रैल बुधवार को है और नवमी दो अप्रैल गुरुवार को है। माता के भक्त अष्टमी और नवमी को साख विसर्जन एवं कन्या पूजन करते सकते है। महंत रोहित शास्त्री ज्योतिषाचार्य ने कहा कि चैत्र नवरात्रों का समापन दो अप्रैल गुरुवार को होगा यह पूरा दिन शुभ है जिसमें मां को विदा करने और कन्या पूजा करके नवरात्रि का समापन किया जाना हैं। अगर किसी कारणवश भक्त अष्टमी या नवमी तिथि को साख प्रवाहित एवं कन्या पूजन नहीं कर पाय तो चतुर्दशी तिथि को साख प्रवाहित एवं कन्या पूजन कर सकते हैं। नवरात्र के नौ दिनों की सारी उपयोग में लाई सामग्री, कलश, परात में बोये ज्वार के अंश (देवी दुर्गा की साख) मिट्टी तथा अन्य सभी चीजों को किसी तालाब या नदी में बहा देना चाहिए।धर्म ग्रंथों के अनुसार तीन वर्ष से लेकर नौ वर्ष की कन्याएं साक्षात माता का स्वरूप मानी जाती है। कन्या पूजा के बिना नवरात्र का अनुष्ठान संपन्न नहीं होता। इस दिन देवी दुर्गा के भक्त कन्या पूजन भी करते हैं मान्यता के अनुसार कुछ परिवारों में कन्या पूजन अष्टमी के दिन होता है तो कुछ में नवमी के दिन। नौ कन्याओं के साथ ही एक लड़के को भी भोजन कराया जाता है। उन्होंने कहा कि लोग अपनी राशि के अनुसार दान करें। ----- ऐसे करें कन्या पूजन कन्याओं पूजन से पहले कन्याओं के पैर साफ पानी से धोएं जाते हैं,तिलक लगाएं और फिर मौली बांधे,व्रती के घर में इस दिन खीर, पूड़ी, हल्वा और काले चने बनाए जाते हैं और कन्याओं को खिलाया जाता है। व्रती सभी कन्याओं से आशीर्वाद लेकर इन्हें भेंट स्वरूप कुछ दक्षिणा देते हैं ।
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