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जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थी जानेंगे प्रदेश का इतिहास, नए पाठ्यक्रम की किताबों में झलक
Sat, 08 Feb 2020 05:56 PM IST
Pranjal Dixit
करिश्मा चिब, अमर उजाला, जम्मू
करिश्मा चिब, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sat, 08 Feb 2020 05:56 PM IST
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जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजूकेशन द्वारा जहां एक तरफ जम्मू-कश्मीर का इतिहास को पाठ्यक्रम में जोड़ा गया है वहीं दूसरी तरफ इस बार किताबों के कवर फोटो पर जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक इमारतों की तस्वीरों को दर्शाया गया है।
केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि किताबों पर जम्मू-कश्मीर के इतिहास की झलक देखने को मिल रही है। कवर पर हरि निवास, बाहू फोर्ट आदि इमारतों को दिखाया गया है। इन किताबों से न केवल विद्यार्थियों को जम्मू-कश्मीर के बारे में पढ़ने को मिलेगा बल्कि उन्हें किताब को देखकर जम्मू-कश्मीर की धरोहरों का भी पता चलेगा।
विद्यार्थियों को स्कूल या घर कहीं भी ऐतिहासिक इमारतों की जानकारी नहीं दी जाती रही है। ऐसे में किताबों पर चित्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को कई ऐसी ऐतिहासिक इमारतों के बारे में पता चलेगा जिनके बारे में उन्होंने ज्यादा नहीं सुना हो।
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केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि किताबों पर जम्मू-कश्मीर के इतिहास की झलक देखने को मिल रही है। कवर पर हरि निवास, बाहू फोर्ट आदि इमारतों को दिखाया गया है। इन किताबों से न केवल विद्यार्थियों को जम्मू-कश्मीर के बारे में पढ़ने को मिलेगा बल्कि उन्हें किताब को देखकर जम्मू-कश्मीर की धरोहरों का भी पता चलेगा।
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विद्यार्थियों को स्कूल या घर कहीं भी ऐतिहासिक इमारतों की जानकारी नहीं दी जाती रही है। ऐसे में किताबों पर चित्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को कई ऐसी ऐतिहासिक इमारतों के बारे में पता चलेगा जिनके बारे में उन्होंने ज्यादा नहीं सुना हो।
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बता दें कि यह तस्वीरें इतिहास की किताबों पर देखने को मिलेगी। इन किताबों में वह डोगरा शासन काल के बारे में जानेंगे। जम्मू-कश्मीर को युवा पीढ़ी के साथ जोड़ने के लिए जेके बोर्ड की तरफ से किया जा रहा प्रयास काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।
बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि ऐसा करने से जम्मू-कश्मीर में रहने वाले विद्यार्थियों को जम्मू और कश्मीर की धरोहरों के बारे में पता चलेगा। जम्मू में कई ऐसी ऐतिहासिक धरोहर हैं जिसके बारे में कश्मीर के विद्यार्थियों को नहीं पता और कश्मीर में ऐसी कई धरोहर हैं जिनके बारे में जम्मू के विद्यार्थियों को कोई जानकारी नहीं है।
इन किताबों के माध्यम से विद्यार्थियों इन धरोहर के बारे में आसानी से जान सकते हैं। स्कूल में किताबों और पाठ्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने इतिहास और धरोहरों के बारे में बताया जा सकता है।
बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि ऐसा करने से जम्मू-कश्मीर में रहने वाले विद्यार्थियों को जम्मू और कश्मीर की धरोहरों के बारे में पता चलेगा। जम्मू में कई ऐसी ऐतिहासिक धरोहर हैं जिसके बारे में कश्मीर के विद्यार्थियों को नहीं पता और कश्मीर में ऐसी कई धरोहर हैं जिनके बारे में जम्मू के विद्यार्थियों को कोई जानकारी नहीं है।
इन किताबों के माध्यम से विद्यार्थियों इन धरोहर के बारे में आसानी से जान सकते हैं। स्कूल में किताबों और पाठ्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने इतिहास और धरोहरों के बारे में बताया जा सकता है।