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जम्मू-कश्मीरः बच्चों को दी जाने वाली यूनिफॉर्म से अभिभावक नाखुश, बोले- सुधार करे विभाग

Sat, 14 Dec 2019 01:33 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 14 Dec 2019 01:33 PM IST
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Parents unhappy with uniforms given to children in Jammu and Kashmir
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो

शिक्षा विभाग की ओर से कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को दी जाने वाली यूनिफॉर्म निम्न स्तर की है। शिक्षा विभाग को इसमें सुधार करना चाहिए। यह इस तरह की होनी चाहिए जिसे वह ठीक प्रकार से पहन सकें। यह बात नौशेरा इलाके के लोगों ने कही।

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उन्होंने कहा कि के बच्चों को बिना नाप की यूनिफॉर्म दी जाती है जो किसी को छोटी और किसी को बड़ी हो जाती है। ऐसे में परिवार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ जाता है। इस संबंध में सुनील कुमार चौधरी सरपंच भवानी ने बताया कि पहले स्कूलों में बच्चों की यूनिफॉर्म खरीदने के लिए फंड आता था। स्कूल प्रशासन अच्छा कपड़ा खरीद कर बच्चों की माप लेकर सिलाई जाती थी। शिक्षा विभाग की मनमानी से बच्चों को जो यूनिफॉर्म दी, उसका कपड़ा निम्न स्तर का है। दूसरा सही फिटिंग नहीं होने के कारण बच्चों को परेशानी उठानी पड़ रही है। शिक्षा विभाग पहले की तरह फंड जारी करे।
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रमेश चौधरी सरपंच डींग ने कहा कि सरकार लाखों रुपये खर्च कर बच्चों के लिए यूनिफॉर्म खरीदती है, जब बच्चों का साइज बराबर न आए, उस का क्या लाभ, सरकार बच्चों को दी जाने वाली यूनिफॉर्म  की गुणवत्ता पर ध्यान दे। पार्षद विजय बख्शी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मांग की कि बच्चों की जो मदद की जा रही है उसमें सुधार किया जाए। सरकारी स्कूल में अधिकतर कम आय वर्ग के लोगों के बच्चे पढ़ते हैं। ऐसे में उनका ध्यान रखा जाए।
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लोगों की मांग को उच्च स्तर पर पहुंचाया जाएगाः डिप्टी चीफ एजुकेशन ऑफिसर

बीडीसी ब्लॉक लंबेड़ी चेयरमैन विकास शर्मा ने शिक्षा विभाग के निदेशक व चीफ एजुकेशन आफिसर से मांग करते हुए कहा कि सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में फंड पहले की तरह दिया जाए, ताकि बच्चे उनके माप पर सिलाई करा सकें।

सरकारी मिडिल स्कूलों में बच्चों की यूनिफॉर्म की सिलाई के लिए जब डिमांड दी जाती है। उसके बाद बच्चों की संख्या बढ़ जाती है, जब यूनिफॉर्म बन कर आती है तब साइज बराबर नहीं रहता। लोगों की मांग को उच्च स्तर पर पहुंचाया जाएगा। -जेपी सिंह, डिप्टी चीफ एजुकेशन ऑफिसर, सब डिवीजन, नौशेरा

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