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सिविल सेवा परीक्षा में आयु सीमा कम करने के निर्णय पर एनएसयूआई ने जताया रोष
Fri, 07 Feb 2020 06:56 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Fri, 07 Feb 2020 06:56 PM IST
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नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) जम्मू-कश्मीर ने सिविल सेवा परीक्षा के लिए आयु सीमा कम करने के निर्णय पर सरकार की निंदा की है। एनएसयूआई जेएंडके के राज्य महासचिव विकास भदौरिया ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार जम्मू और कश्मीर के युवाओं के बारे में गंभीर नहीं है। युवाओं के लिए रोजगार के संबंध में उनके पास कोई योजना नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस तरह का निर्णय लेने से सरकार युवाओं की उम्मीदों को तोड़ रही है। जम्मू-कश्मीर अशांत क्षेत्र है और यहां के युवाओं को अन्य राज्य के युवाओं की तरह एक्पोजर नहीं मिला है, इसलिए उम्र में छूट युवाओं की बुनियादी जरूरत है।
जम्मू विश्वविद्यालय के एनएसयूआई प्रेसीडेंट अनिरुद्ध रैना ने कहा कि सरकार ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं के साथ विश्वासघात किया। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी दर पिछले 45 वर्षों के उच्चतम स्तर पर है। सरकार को इन विरोधी नीतियों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है क्योंकि इससे युवाओं में भारी निराशा है।
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जम्मू विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष शुभम ने युवाओं की शिकायतों को दूर करने के लिए लेफ्टिनेंट गवर्नर और केंद्र सरकार से अपील की है कि वे युवाओं को रोजगार देने के अपने वादे को पूरा करके उन्हें आश्वासन दें।
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उन्होंने कहा कि इस तरह का निर्णय लेने से सरकार युवाओं की उम्मीदों को तोड़ रही है। जम्मू-कश्मीर अशांत क्षेत्र है और यहां के युवाओं को अन्य राज्य के युवाओं की तरह एक्पोजर नहीं मिला है, इसलिए उम्र में छूट युवाओं की बुनियादी जरूरत है।
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जम्मू विश्वविद्यालय के एनएसयूआई प्रेसीडेंट अनिरुद्ध रैना ने कहा कि सरकार ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं के साथ विश्वासघात किया। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी दर पिछले 45 वर्षों के उच्चतम स्तर पर है। सरकार को इन विरोधी नीतियों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है क्योंकि इससे युवाओं में भारी निराशा है।
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जम्मू विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष शुभम ने युवाओं की शिकायतों को दूर करने के लिए लेफ्टिनेंट गवर्नर और केंद्र सरकार से अपील की है कि वे युवाओं को रोजगार देने के अपने वादे को पूरा करके उन्हें आश्वासन दें।