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जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजूकेशन अपनाएगा सीबीएसई पैट्रन

Sat, 30 Mar 2019 01:36 AM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Pranjal Dixit Updated Sat, 30 Mar 2019 01:36 AM IST
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jammu kashmir board of school education will apply cbsc board pattern in their education system
सीबीएसई - फोटो : फाइल
जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन की तरफ से 11वीं कक्षा का पैट्रन बदला जाएगा। जम्मू-कश्मीर स्कूल बोर्ड की तरफ से सीबीएसई के प्रश्न पत्र का पैट्रन फॉलो किया जाएगा। यह बदलाव विंटर जोन में इसी साल से अक्तूबर-नंबवर में होने वाली परीक्षाओं के साथ लागू किया जाएगा। वहीं समर जोन में जिनकी परीक्षाएं फरवरी-मार्च में आयोजित की जाएंगी उनके लिए यह बदलाव 2020 से लागू होगा।
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जिन विद्यार्थियों का रिएपेयर या फेल होने का केस होगा उनके लिए पुराने पैट्रन में ही परीक्षा आयोजित की जाएंगी। पुराने पैट्रन में प्रश्न पत्र केवल इसी साल चलेंगे जिसमें केवल दो ही परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। जिसमें विंटर जोन और समर जोन की तरफ से आयोजित होने वाली केवल एक-एक परीक्षा ही शामिल होंगी। वहीं अगले साल से पूरी तरह से राज्य बोर्ड की तरफ से सीबीएसई के पैट्रन को पूरी तरह से अपना लिया जाएगा। केवल रिएपेयर और फेल केस के इस साल के विद्यार्थियों को पुराने पैट्रन में पेपर देने का मौका मिलेगा।
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बोर्ड के डायरेक्टर ऑफ अकेडमिक्स डॉ. फारूक अहमद पीर का कहना है कि जिस तरह से सीबीएसई के प्रश्न-पत्रों में लॉजिकल प्रश्न, रीजनिंग, एनालिटिक्स एप्रोच आदि से जुड़े सवाल होते हैं जिसे अपनाने की कोशिश जे एंड के द्वारा भी की है। इसी के साथ उनका कहना है कि सीबीएसई का प्रश्न पत्र काफी अच्छे पैट्रन में होता है। उसमें पूछे गए सवाल वैरी शार्ट आनसर्स, शार्ट आनसर्स, लांग आनसर्स आदि के पैट्रन में होते हैं। इससे परीक्षा देने के लिए बैठे विद्यार्थियों में कॉन्फिडेंस आता है। वह छोटे सवालों से शुरू करता है और तब तक उसके अंदर से परीक्षा का डर भी चला जाता है।
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इसी के साथ डॉ. फारूक अहमद ने बताया कि हमारी कोशिश जारी है कि 11वीं में यह पैट्रन अच्छे से लागू हो जाए। इसके बाद हमारी तरफ से यह पैट्रन राज्य की 10वीं और 12वीं कक्षा में भी लागू करने की कोशिश है। इससे राज्य बोर्ड के विद्यार्थियों का पढ़ाई करने का तरीका भी काफी हद तक बदल जाएगा। सीबीएसई पैट्रन अपनाने से विद्यार्थियों को कहीं न कहीं प्रतियोगी परीक्षा निकालने में भी आसानी होगी।
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