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सीईटी में बैठे सैकड़ों उम्मीदवार
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 01 Jul 2016 12:02 PM IST
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परीक्षा
- फोटो : Demo Pic.
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शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी आफ एग्रीकल्चर साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी जम्मू (स्कास्ट-जे) की ओर से रविवार को कंबाइंड एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) 2016 का आयोजन किया गया।
इसमें एग्रीकल्चर साइंस, वेटरनरी साइंस और बायोटेक्नोलॉजी की 215 ग्रेजुएट सीटों के लिए 1983 उम्मीदवार परीक्षा में बैठे। वर्ष 2015 के मुकाबले इस बार 19 फीसदी अधिक उम्मीदवार परीक्षा में बैठे। इसमें 62 फीसदी लड़कियां और 38 फीसदी लड़के शामिल हैं। परीक्षा के नतीजों को एक हफ्ते के भीतर घोषित किया जाएगा।
तीनों ग्रेजुएट प्रोग्रामों के लिए 2169 उम्मीदवारों ने आवेदन किए थे, लेकिन इसमें 1983 के साथ 92 प्रतिशत ही उम्मीदवार आए। पिछले चार साल से स्कास्ट की ओर से प्रोफेशनल ग्रेजुएट कोर्सों के लिए सीईटी का आयोजन किया जा रहा है।
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रविवार को सीईटी के लिए आरएस पुरा, चट्ठा कैंपस के अलावा महिला कालेज गांधीनगर में केंद्र स्थापित किए थे। परीक्षा में कहीं गड़बड़ी की सूचना नहीं है। इस बीच स्कास्ट के उपकुलपति प्रो. प्रदीप कुमार शर्मा ने चट्ठा केंद्र का दौरा कर सीईटी का निरीक्षण किया।
उन्होंने कहा कि सीईटी का उद्देश्य प्रोफेशनल कोर्सों के लिए दाखिला प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है। इसमें योग्य और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मौका दिया जा रहा है। युवा एग्रीकल्चर साइंस, वेटरनरी साइंस और बायोटेक्नोलॉजी में बेहतर कॅरियर बना सकते हैं।
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इसमें एग्रीकल्चर साइंस, वेटरनरी साइंस और बायोटेक्नोलॉजी की 215 ग्रेजुएट सीटों के लिए 1983 उम्मीदवार परीक्षा में बैठे। वर्ष 2015 के मुकाबले इस बार 19 फीसदी अधिक उम्मीदवार परीक्षा में बैठे। इसमें 62 फीसदी लड़कियां और 38 फीसदी लड़के शामिल हैं। परीक्षा के नतीजों को एक हफ्ते के भीतर घोषित किया जाएगा।
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तीनों ग्रेजुएट प्रोग्रामों के लिए 2169 उम्मीदवारों ने आवेदन किए थे, लेकिन इसमें 1983 के साथ 92 प्रतिशत ही उम्मीदवार आए। पिछले चार साल से स्कास्ट की ओर से प्रोफेशनल ग्रेजुएट कोर्सों के लिए सीईटी का आयोजन किया जा रहा है।
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रविवार को सीईटी के लिए आरएस पुरा, चट्ठा कैंपस के अलावा महिला कालेज गांधीनगर में केंद्र स्थापित किए थे। परीक्षा में कहीं गड़बड़ी की सूचना नहीं है। इस बीच स्कास्ट के उपकुलपति प्रो. प्रदीप कुमार शर्मा ने चट्ठा केंद्र का दौरा कर सीईटी का निरीक्षण किया।
उन्होंने कहा कि सीईटी का उद्देश्य प्रोफेशनल कोर्सों के लिए दाखिला प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है। इसमें योग्य और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मौका दिया जा रहा है। युवा एग्रीकल्चर साइंस, वेटरनरी साइंस और बायोटेक्नोलॉजी में बेहतर कॅरियर बना सकते हैं।