जम्मूः स्कूल नहीं शिक्षा विभाग तय करेगा अभिभावक कहां से खरीदें किताबें, निदेशालय ने जारी की एडवाइजरी
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निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के लिए राहत की खबर है। शिक्षा विभाग किताबों के अधिकृत डीलरों की सूची तैयार कर वेबसाइट पर अपलोड करने जा रहा है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने एडवाइजरी जारी कर निजी स्कूल प्रबंधनों से कहा है कि वे बच्चाें को कैसे और किस सामग्री से पढ़ा रहे हैं, इसकी जानकारी सार्वजनिक करें।
स्कूल प्रबंधन अपनी ओर से किसी विशेष दुकान से किताबें खरीदने को नहीं कह सकेंगे। वहीं, लॉकडाउन के दौरान ट्यूशन फीस के अलावा वसूले गए शुल्क को आगामी माह में समायोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। लॉकडाउन अवधि के दौरान केवल ट्यूशन शुल्क ही मान्य होगा।
लगातार ऑनलाइन कक्षाएं लगाने पर रोक
शिक्षा विभाग ने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान स्कूल प्रबंधन ऑनलाइन कक्षाएं चला रहे हैं। इसे रुटीन के तौर पर लगातार और लंबे समय के लिए नहीं लगाया जा सकता है। इसके बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। सभी स्कूल प्रबंधनों को डाटा तैयार करना होगा कि कितने बच्चों के पास इंटरनेट, स्मार्ट फोन, टीवी अथवा अन्य कोई माध्यम है।
स्कूल स्तर पर अभिभावक संघ बनाकर उनसे चर्चा करने के बाद ही ऑनलाइन कक्षाओं का शेड्यूल तैयार किया जाएगा। छात्र एनसीईआरटी, सीबीएसई, जेकेबोसी की वेबसाइट पर उपलब्ध ई-कंटेंट से सेल्फ स्टडी कर सकते हैैं। स्कूलों को कहा गया है कि टेबल लर्निंग, कम्युनिकेशन स्किल, ओरल एंड रिटन जैसे विषयों की रोजाना क्लासेज जरूरी नहीं हैं।
समस्या के समाधान के लिए फोन नंबर जारी
अभिभावकों को कहा गया है कि वह सुनिश्चित करें कि बच्चे 5-6 घंटे से ज्यादा इंटरनेट इस्तेमाल न करें। ऑनलाइन माध्यम से हो रही पढ़ाई पर भी ध्यान रखें। शिक्षा विभाग की ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ लिया जा सकता है। किसी भी स्कूल के खिलाफ शिकायत है तो समाधान पोर्टल पर सूचित किया जा सकता है। किसी भी समस्या के लिए विद्यार्थी या अभिभावक ‘आओ बात करें’ सेवा नंबर 6006800068 पर फोन कर सकते हैं।
हर निजी स्कूल में बनेगी पेरेंट्स एसोसिएशन
सभी स्कूलों से किसी प्रशासनिक सदस्य का नंबर डायरेक्टोरेट के टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा जाएगा, जिसके माध्यम से अभिभावकों की समस्याओं का उसी समय रिस्पांस दिया जाएगा। सभी प्राइवेट स्कूलों में पैरेंट्स एसोसिएशन बनेंगी। स्कूल विभाग के पोर्टल पर ब्योरा अपलोड करेंगे। इसी के आधार पर मान्यता प्रमाणपत्र के लिए आवेदन भी लिया जाएगा। गैर पंजीकृत स्कूल 15 दिन के अंदर आवेदन करेंगे अन्यथा उन्हें बंद कर दिया जाएगा।