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नशों के सौदागर को 20 साल की सजा
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 11 Jan 2015 11:09 AM IST
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चरस तस्करी के आरोप में ट्रायल का सामना कर रहे तस्कर मोहम्मद मकबूल लोन (निवासी शेरवानी पोरा, बारामुला) को कठुआ के प्रिंसिपल सेशन जज विनोद चटर्जी कौल ने दोषी पाते हुए 20 साल की कठोर सजा सुनाई है। साथ ही दो लाख रुपये जुर्माना लगाया है।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (मुट्ठी कैंप) के इंटेलिजेंस अफसर ने आरोपी को एनडीपीएस एक्ट के तहत पकड़ा था। ब्यूरो को सूचना मिली थी कि 13 मार्च, 2012 को एक ट्रक (जेके 05-6906) में कश्मीर घाटी से दिल्ली चरस ले जाई जा रही है। उक्त चरस दिल्ली के ट्रांसपोर्ट नगर में पहुंचाई जानी थी। सूचना के आधार पर ब्यूरो की सुपरिंटेंडेंट महक जैन ने एक टीम का गठन किया और लखनपुर रोड पर नाका लगाया।
उक्त ट्रक को रोक जांच करने पर उसमें 14.930 किलोग्राम चरस पाई गई। जांच पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ चालान अदालत में पेश किया गया। प्रिंसिपल सेशन जज ने सुनवाई के दौरान कहा कि आरोपी द्वारा किया गया अपराध काफी गंभीर है।
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इस अपराध से न सिर्फ युवाओं का स्वास्थ्य और भविष्य बर्बाद होगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी चोट पहुंचेगी। तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आरोपी को बीस साल की कठोर सजा सुनाने के साथ दो लाख रुपये जुर्माना भी लगाया। जेएनएफ
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नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (मुट्ठी कैंप) के इंटेलिजेंस अफसर ने आरोपी को एनडीपीएस एक्ट के तहत पकड़ा था। ब्यूरो को सूचना मिली थी कि 13 मार्च, 2012 को एक ट्रक (जेके 05-6906) में कश्मीर घाटी से दिल्ली चरस ले जाई जा रही है। उक्त चरस दिल्ली के ट्रांसपोर्ट नगर में पहुंचाई जानी थी। सूचना के आधार पर ब्यूरो की सुपरिंटेंडेंट महक जैन ने एक टीम का गठन किया और लखनपुर रोड पर नाका लगाया।
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उक्त ट्रक को रोक जांच करने पर उसमें 14.930 किलोग्राम चरस पाई गई। जांच पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ चालान अदालत में पेश किया गया। प्रिंसिपल सेशन जज ने सुनवाई के दौरान कहा कि आरोपी द्वारा किया गया अपराध काफी गंभीर है।
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इस अपराध से न सिर्फ युवाओं का स्वास्थ्य और भविष्य बर्बाद होगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी चोट पहुंचेगी। तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आरोपी को बीस साल की कठोर सजा सुनाने के साथ दो लाख रुपये जुर्माना भी लगाया। जेएनएफ