फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   RET teachers demand their salary

बकाया वेतन को उठाई आवाज

Tue, 16 Dec 2014 01:45 AM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला, राजोरी
ब्यूूराे/अमर उजाला, राजोरी Updated Tue, 16 Dec 2014 01:45 AM IST
विज्ञापन
RET teachers demand their salary

जिले में एसएसए के तहत कार्य कर रहे आरईटी शिक्षकों में पिछले कई माह से वेतन नहीं जारी होने से रोष है।

विज्ञापन


रविवार को आल जेएंडके आरईटी शिक्षक फोरम के बैनर तले एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से भारी संख्या में आरईटी शिक्षकों ने भाग लिया।

बैठक में फोरम के जिला अध्यक्ष आफताब तांत्रे ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग के प्रति कड़ा रोष प्रकट करते हुए कहा कि केवल 3000 रुपये प्रति माह वेतन पर शिक्षकों को कार्य करना पड़ता है। इतना कम वेतन भी कई माह बाद जारी किया जाता है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि इस समय जिस तरह से महंगाई बढ़ी है, ऐसे में एक शिक्षक के लिए तीन हजार रुपये में गुजारा चला पाना संभव नहीं।

उन्होंने बताया कि एसएसए के तहत कार्य कर रहे शिक्षकों को पिछले करीब आठ से दस माह का वेतन नहीं मिला है। ऐसे में शिक्षकों के लिए घर खर्च चला पाना संभव नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


फोरम के सचिव जहांगीर खान ने सरकार और विभाग के प्रति कड़ा रोष प्रकट करते हुए कहा कि शिक्षकों को राष्ट्र निर्माता कहा जाता है। यदि यह बात सही है तो कहना होगा आज राष्ट्र निर्माता भूखा है।

उसके बच्चे एक-एक रोटी के लिए तरस रहे हैं। वहीं हमारी सरकारी को राष्ट्र निर्माता शिक्षकों की कोई चिंता नहीं है। यदि कोई शिक्षक हर समय रोजी-रोटी की चिंता में परेशान रहेगा तो वह बच्चों को कैसे बेहतर शिक्षा दे सकेगा।


खान ने कहा कि अपनी परेशानियों के बावजूद आरईटी शिक्षक पूरी मेहनत और इमानदारी से बच्चों को शिक्षित करने के काम में लगे हैं। ऐसे में सरकार को भी शिक्षकों की मांगाें पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द उन्हें बकाया वेतन नहीं दिया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन को मजबूर होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed