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अधर में लटका हजारों स्टूडेंट्स का भविष्य
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 15 May 2013 01:23 PM IST
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जम्मू एवं कश्मीर के पांच हजार विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रधानमंत्री की ओर से विशेष स्कॉलरशिप की धनराशि जारी न होने से उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है।
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मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा धनराशि जारी नहीं किए जाने के कारण इस योजना के तहत दिल्ली एनसीआर के कॉलेजों में पढ़ रहे विद्यार्थियों का पूरा साल खराब होने की नौबत तक आ गई है।
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संबंधित कॉलेज केंद्र सरकार से पैसा नहीं मिलने के आधार पर उन्हें वार्षिक परीक्षा में न शामिल करने की चेतावनी दे चुके हैं।
कई कॉलेज ऐसे छात्रों को तत्काल पूरी फीस जमा कराने के लिए तरह-तरह से उत्पीड़ित कर रहे हैं।
परेशान छात्रों का एक दल आज मानव संसाधन मंत्री से मिलने मंत्रालय पहुंचा था लेकिन पल्लम राजू के विदेश में होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी।
उच्च शिक्षा के लिए शुरु स्कॉलरशिप
जानकारी के अनुसार जम्मू एवं कश्मीर में युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वर्ष 2010 में प्रधानमंत्री ने एक विशेष स्कालरशिप शुरु की थी।
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इसके तहत कुल पांच हजार छात्रों को दूसरे राज्यों में शिक्षा के लिए प्रवेश लेने पर फीस एवं हॉस्टल आदि का शुल्क मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से वहन किया जाता है।
इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश, हरियाणा तथा दिल्ली के कई इंजीनियरिंग एवं मैनेजमेंट कॉलेजों में एनजीओ के माध्यम से सैकड़ों छात्रों को प्रवेश दिला दिया गया।
इसके बाद एक साल से इन छात्रों के फीस एवं अन्य खर्च के लिए कालेजों को कोई धनराशि नहीं जारी की गई है। अब कॉलेजों ने एनजीओ तथा मंत्रालय से संपर्क करने के स्थान पर सीधे छात्रों को परीक्षा में बैठने से रोक रहे हैं।
विद्यार्थियों को नहीं मिल रही मदद
छात्रों का आरोप है कि सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर पहले तो एनजीओ के माध्यम से छात्रों को ऐसे कॉलेजों में दाखिला दिलाया गया जिनका अकादमिक रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं था।
अब एक साल बाद न एनजीओ के लोग उनकी मदद कर रहे हैं और न ही कॉलेज सीधे मंत्रालय से स्कॉलरशिप की राशि जारी कराने का प्रयास कर रहे हैं।