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उधमपुर में पांच हजार यात्रियों के रहने, खाने-पीने की व्यवस्था
Jammu
Updated Sat, 21 Jun 2014 05:35 AM IST
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उधमपुर। श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। बर्फबारी, यात्रा बंद होने के दौरान उधमपुर में साढ़े पांच हजार श्रद्धालुओं के लिए ठहरने व खाने पीने की व्यवस्था है।
शहर के आसपास धार्मिक स्थलों और सराय में ठहरने की व्यवस्था की गई है। कड़ी सुरक्षा बीच इन श्रद्धालुओं को रखा जाएगा। प्रशासन ने पहले से ही लंगर व्यवस्था की गई है। दस लंगर कमेटियां भी जिले के आसपास व हाईवे पर लंगर लगा रही है। अगर कोई प्राकृतिक आपादा या अन्य कारणों से यात्रा को रोका जाता है, तो यात्रियों को परेशानी नहीं हो, इसके लिए पुलिस, सिविल एवं यात्रा प्रबंधन प्रशासन लगातार बैठकें कर रहा है। हाईवे का भी जायजा लिया गया। जहां सुरक्षा नाके और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। अगले सप्ताह से सभी तैनात हो जाएंगे। अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त व यात्रा प्रबंधन के नोडल अधिकारी विकास शर्मा के अनुसार प्रशासन की तरफ से सभी स्थान तय कर लिए गए हैं। इनमें कुछ सरकारी इमारतें और कुछ निजी इमारतें हैं। इन सभी इमारतों में आपातकाल परिस्थिति में पांच से अधिक श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की गई है। पहले देखा गया है कि कई बार यात्रा रोक दी जाती है। रामबन, बनिहाल से पहले उधमपुर में ही यात्रियों के ठहरने की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। उधमपुर में अगर यात्री रुके तो करीब साढ़े पांच हजार यात्रियों को एक साथ एक समय में ठहराया जा सकता है। यात्रियों के लिए उम्दा प्रबंध किए गए हैं। सभी धार्मिक एवं सामाजिक सोसायटियों से भी संपर्क रखा गया है।
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शहर के आसपास धार्मिक स्थलों और सराय में ठहरने की व्यवस्था की गई है। कड़ी सुरक्षा बीच इन श्रद्धालुओं को रखा जाएगा। प्रशासन ने पहले से ही लंगर व्यवस्था की गई है। दस लंगर कमेटियां भी जिले के आसपास व हाईवे पर लंगर लगा रही है। अगर कोई प्राकृतिक आपादा या अन्य कारणों से यात्रा को रोका जाता है, तो यात्रियों को परेशानी नहीं हो, इसके लिए पुलिस, सिविल एवं यात्रा प्रबंधन प्रशासन लगातार बैठकें कर रहा है। हाईवे का भी जायजा लिया गया। जहां सुरक्षा नाके और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। अगले सप्ताह से सभी तैनात हो जाएंगे। अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त व यात्रा प्रबंधन के नोडल अधिकारी विकास शर्मा के अनुसार प्रशासन की तरफ से सभी स्थान तय कर लिए गए हैं। इनमें कुछ सरकारी इमारतें और कुछ निजी इमारतें हैं। इन सभी इमारतों में आपातकाल परिस्थिति में पांच से अधिक श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की गई है। पहले देखा गया है कि कई बार यात्रा रोक दी जाती है। रामबन, बनिहाल से पहले उधमपुर में ही यात्रियों के ठहरने की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। उधमपुर में अगर यात्री रुके तो करीब साढ़े पांच हजार यात्रियों को एक साथ एक समय में ठहराया जा सकता है। यात्रियों के लिए उम्दा प्रबंध किए गए हैं। सभी धार्मिक एवं सामाजिक सोसायटियों से भी संपर्क रखा गया है।
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