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बाबा चमलियाल मेले की तैयारियां अंतिम चरण में
Jammu
Updated Thu, 05 Jun 2014 05:32 AM IST
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जम्मू। भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बाबा चमलियाल मेले की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस मेले की तैयारियों के लिए सांबा जिला प्रशासन, बीएसएफ और पाक रेंजरों के बीच बैठक भी हुई। रामगढ़ सेक्टर में 26 जून को आयोजित होने वाले मेले में पाक रेंजर बाबा की मजार पर पहुंचकर चादर चढ़ाते हैं। इसके बदले भारत से शक्कर और शरबत भेजा जाता है। मेले का आयोजन शांतिपूर्वक और सुविधाओं सहित हो, इसकी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। इस साल मेला 26 जून को आयोजित होगा। पिछले 320 साल से यह मेला लग रहा है। मान्यता के अनुसार बाबा दलीप सिंह मन्हास श्राइन को बाबा चमलियाल कहा जाता है। पाकिस्तान में सैदा वाली गांव में तीन दिन तक मेला लगता है। जीरो लाइन पर स्थित इस मजार पर हर साल हजारों की संख्या में लोग पेश होते हैं। दोनों तरफ से इस दिन बंदूकें शांत रहती हैं और किसी सीज फायर का उल्लंघन नहीं होता है। चमड़ी के रोग वाले लोग बाबा मजार पर पहुंचकर शक्कर को शरीर पर मलते हैं और शरबत से नहाकर अपने रोग को दूर करते हैं। वर्ष 1971 के बाद से दोनों से तरफ से चादर, शक्कर और शरबत का आदान-प्रदान हो गया था। भारत-पाक युद्ध के कारण इसे बंद कर दिया था। कुछ साल पहले ही पाक रेंजरों को जीरो लाइन पर आने की इजाजत दी गई और चादर लेकर इसे मजार पर चढ़ाने की प्रथा शुरू हो गई। मेले में उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा से लोगों पहुंचते हैं।
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