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सुपर स्पेशलिटी में ओटी बहाल
Jammu
Updated Wed, 19 Mar 2014 05:32 AM IST
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जम्मू। रेशमघर स्थित एम्स की तर्ज पर स्थापित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की व्यवस्थाएं पटरी पर लौटने लगी हैं। अस्पताल में महीनों से बंद पड़े आपरेशन थियेटर बहाल किए गए हैं। इससे यूरोलाजी और सीटीवीएस के आपरेशन दोबारा शुरू हो गए हैं। इसके अलावा अस्पताल में न्यूरो यूनिट को शुरू करने की भी कवायद तेज की गई है।
संस्थान में यूनिट को शुरू करने के लिए जरूरी संसाधन जुटाए जा रहे हैं। हालांकि सुपर स्पेशलिटी में जो यूनिट शुरू किए गए हैं, उनमें भी फैकल्टी को जीएमसी से ही शिफ्ट किया गया है। फैकल्टी की कमी नये प्रोजेक्टों को पूरी तरह से शुरू करने में बड़ी चुनौती बना है। अस्पताल के अधीक्षक डा. रियाज के अनुसार मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए ओटी बहाल की हैं।
अस्पताल में अन्य यूनिटों को भी शुरू करने पर काम हो रहा है। उल्लेखनीय है कि सुपर स्पेशलिटी में अभी तक सभी यूनिट शुरू नहीं किए जा सके हैं। इसमें कार्डियोलाजी, नेफरोलाजी, सीटीवीएस और यूरोलाजी यूनिट ही शुरू किए जा सके हैं। इसमें भी कार्डियोलाजी यूनिट की सिर्फ ओपीडी ही चल रही है, जबकि इंडोर व्यवस्था जीएमसी में ही है। न्यूरो यूनिट को अभी शुरू ही नहीं किया जा सका है। न्यूरो विशेषज्ञ की बात करें तो चिकित्सा शिक्षा विभाग में सिर्फ जीएमसी में ही दो विशेषज्ञ उपलब्ध हैं, यानी यूनिट को शुरू करने के लिए जीएमसी से ही विशेषज्ञों को शिफ्ट किया जाएगाआपरेशन थियेटर के बहाल होने से मरीजों को थोड़ी राहत मिली है। अब सुपर स्पेशलिटी में ही यूरोलाजी में रोजाना 8-10 और सीटीवीएस के 4-5 आपरेशन हो रहे हैं। इसके लिए पहले जीएमसी का रुख करना पड़ रहा था। निर्धारित समय से 63 माह बाद शुरू किए गए सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में लोगों को अभी भी आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का इंतजार है।
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संस्थान में यूनिट को शुरू करने के लिए जरूरी संसाधन जुटाए जा रहे हैं। हालांकि सुपर स्पेशलिटी में जो यूनिट शुरू किए गए हैं, उनमें भी फैकल्टी को जीएमसी से ही शिफ्ट किया गया है। फैकल्टी की कमी नये प्रोजेक्टों को पूरी तरह से शुरू करने में बड़ी चुनौती बना है। अस्पताल के अधीक्षक डा. रियाज के अनुसार मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए ओटी बहाल की हैं।
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अस्पताल में अन्य यूनिटों को भी शुरू करने पर काम हो रहा है। उल्लेखनीय है कि सुपर स्पेशलिटी में अभी तक सभी यूनिट शुरू नहीं किए जा सके हैं। इसमें कार्डियोलाजी, नेफरोलाजी, सीटीवीएस और यूरोलाजी यूनिट ही शुरू किए जा सके हैं। इसमें भी कार्डियोलाजी यूनिट की सिर्फ ओपीडी ही चल रही है, जबकि इंडोर व्यवस्था जीएमसी में ही है। न्यूरो यूनिट को अभी शुरू ही नहीं किया जा सका है। न्यूरो विशेषज्ञ की बात करें तो चिकित्सा शिक्षा विभाग में सिर्फ जीएमसी में ही दो विशेषज्ञ उपलब्ध हैं, यानी यूनिट को शुरू करने के लिए जीएमसी से ही विशेषज्ञों को शिफ्ट किया जाएगाआपरेशन थियेटर के बहाल होने से मरीजों को थोड़ी राहत मिली है। अब सुपर स्पेशलिटी में ही यूरोलाजी में रोजाना 8-10 और सीटीवीएस के 4-5 आपरेशन हो रहे हैं। इसके लिए पहले जीएमसी का रुख करना पड़ रहा था। निर्धारित समय से 63 माह बाद शुरू किए गए सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में लोगों को अभी भी आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का इंतजार है।
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